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स्वाइन फ्लू का प्रकोप, अब तक 16 लोगों की मौत

July 27th, 2017 15:42 IST
स्वाइन फ्लू का प्रकोप, अब तक 16 लोगों की मौत

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महानगर में भारी बारिश के बाद स्वाइन फ्लू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। स्वाइन फ्लू की चपेट में आने से जनवरी से लेकर अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें से 6 मृतक मुंबई शहर के नहीं थे। जनवरी से लेकर अबतक महानगर में 383 स्वाइन फ्लू के मामले सामने आ चुके हैं, वहीं, 313 नए मामले सामने आए हैं।

पिछले एक सप्ताह में स्वाइन फ्लू से मरने वालों की संख्या 10 पहुंच गई है। मुंबई में पिछले एक हफ्ते में 92 नए स्वाइन फ्लू के मामले दर्ज हुए हैं। मरने वालो में छह मरीज़ अन्य इलाकों से है, जो मुंबई इलाज कराने आए थे। स्वाइन फ्लू के मामलों की संख्या में बढ़ोतरी का कारण मौसम में हो रहे बदलाव और भारी बारिश को बताया जा रहा है।

राज्य और मुंबई में बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले को देखते हुए गुरुवार को दिल्ली से राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के 5 अधिकारियों ने मुंबई का दौरा किया। यहां उन्होंने बीएमसी और राज्य स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक भी की। उन्होंने यहां के डॉक्टरों को शुरुआती स्तर पर ही स्वाइन फ्लू की पहचान के लिए जरूरी निर्देश दिए।

बीएमसी से जुड़े एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि स्वाइन फ्लू के लक्षण में बदालव दिखाई दे रहा है। ऐसे में किसी भी तरह की शरीरिक असहजता होने पर तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए। सर्दी-जुकाम, खाना गुटकने में दिक्कत या जुलाब जैसी समस्या हो तो इसे नजरअंदाज न करें। ये लक्षण स्वाइन फ्लू के हो सकते हैं।

एक्सपर्ट के अनुसार अक्सर देखा जाता है कि किसी भी बीमारी के इलाज के लिए मरीज देर से डॉक्टर के पास जाते हैं। इससे बीमारी अधिक गंभीर हो जाती है। संक्रामक रोग विशेषज्ञ ओम श्रीवास्तव ने कहा कि छोटी से छोटी बीमारी में भी खुद से उपचार न करें। बीमारी के शुरूआती दिनों में उसकी जांच हो जाए, इसलिए तुरंत डॉक्टर से मिलना जरूरी है। इससे बीमारी की जटिलता कम हो जाती है। बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि बीएमसी के पास स्वाइन फ्लू की दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है।

दिल्ली से आए अधिकारियों ने कहा कि अगर दवा लेने के बाद भी बुखार है या अन्य समस्याएं बरकरार हैं, तो तुरंत स्वाइन फ्लू की जांच कराएं। बीएमसी की कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पद्मजा केसकर ने कहा कि सभी वार्ड के अधिकारियों को राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र द्वारा जारी निर्देश उपलब्ध करा दिए गए हैं।

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