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सीरिया में गृह युद्ध का शिकार हुए 250 लोगों की मौत, 50 बच्चे भी शामिल

September 06th, 2018 15:21 IST

डिजिटल डेस्क, दमिश्क। सीरिया में विद्रोहियों के कब्जे वाले पूर्वी घोउटा में सीरियाई सेना ने अब तक का सबसे बड़ा हमला किया है। इस इलाके में सेना के विमान इलाके में हर मिनट 25 से 30 गोले दागे जा रहे हैं। विद्रोहियों पर दो दिनों से जारी बमबारी में अब तक करीब 250 लोग मारे जा चुके हैं। बता दें कि इनमें 50 से ज्यादा बच्चे शामिल हैं। यूनाइटेड नेशंस की रिपोर्ट के मुताबिक, इन हमलों में 6 अस्पताल भी तबाह हो चुके हैं। रिपोर्ट के अनुसार अगर बमबारी इसी तरह जारी रही तो हालात नियंत्रण के बाहर चले जाएंगे। हालांकि, रिपोर्ट्स पर सीरियाई सेनाओं की तरफ से कोई बयान नहीं जारी किया गया है।

बता दें कि अगर सीरिया में ऐसे ही हमले होते रहे तो वह धीरे-धीरे दुनिया के सबसे बड़े कब्रगाह रूप में बदल जाएगा। सीरिया इन दिनों दुनिया के नक्शे पर एक ऐसा मुल्क बनता जा रहा है, जहां संघर्ष खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। सीरिया के गृह युद्ध को मौत का अखाड़ा बना दिया गया है। सीरिया के ईस्टर्न घोउटा में सोमवार को विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाके में सीरियाई सेना द्वारा की जा रही बमबारी में कम से कम 100 आम नागरिकों की मौत हो गई। यह आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है।

2015 के बाद मौत का सबसे बड़ा आंकड़ा

दुनिया के ताकतवर देश रूस अमेरिका और अमेरिकी समर्थित देशों ने अपने-अपने हितों को साधते हुए सीरिया में चल रहे गृह युद्ध को गंभीरता से नहीं लिया है। सीरीया में मौत का सही से आंकड़ा दुनिया के किसी भी संगठन के पास नही हैं। बता दें पिछले करीब तीन सालों में सीरिया में तबाही का मंजर बढ़ा है। हाल ही में सीरिया की राजधानी दमिश्क के बाहरी इलाकों में रहने वाले 4 लाख परिवारों पर हमले हुए हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले तीन महीनों में सीरिया में 700 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। 

15 हजार लोगों ने छोड़े घर

ईस्टर्न घोउटा में सोमवार को हुई बमबारी में 6 हॉस्पिटल ध्वस्त कर दिए गए। इन हमले को देखकर वहां के एक डॉक्टर इसे 21वीं सदी का नरसंहार बताया है। उन्होंने कहा, 'यदि 1990 के दशक में नरसंहार स्रेब्रेनिका था और 1980 के दौरा में हलाब्जा, साब्रा शातिला था, तो घोउटा आज के दौर का सबसे बड़ा नरसंहार है।' पिछले 48 घंटों में नागरिकों की मौत का ये आंकड़ा 2013 के केमिकल अटैक के बाद सबसे ज्यादा है। सेना के हमलों के कारण अब तक 15 हजार लोग अपने घर छोड़कर भाग चुके हैं।

क्यों हो रहे हैं हमले

बता दें कि ईस्टर्न घोउटा में इस्लामिक संगठन जैश अल-इस्लाम का शासन चलता है। अल-कायदा समर्थित आतंकी संगठन तहरीर अल-शाम भी यहां पर मौजूद है। ये विद्रोहियों के कब्जे वाला आखिरी बड़ा शहर है। ‌घोउटा की आबादी करीब 4 लाख है। यह 2012 से विद्रोहियों के कब्जे में है। सीरिया और ईरान ने इस क्षेत्र को विद्रोही क्षेत्र घोषित किया जा चुका है। यहां आए दिन हत्याएं होती रहती हैं। लगातार हो रहे इन हमलों को लेकर यूएन की रिपोर्ट्स पर सीरियाई सेना की ओर से कोई बयान नहीं जारी किया गया है। हालांकि, हमलों को लेकर सेना का कहना है कि उसने सिर्फ आतंकी ठिकानों पर ही निशाना साधा है और ये एकदम सटीक थे।

कुछ दिन पहले ही यूएन ने सीरियाई सेना से कहा था कि उसके हमले में विद्रोहियों के कब्जे वाले घोउटा में निर्दोष नागरिक और बच्चों की मौत हो रही है। इसके बाद भी हमले लगातार जारी हैं। बताया जा रहा है कि 3 महीनों में अकेले घोउटा में 800 लोग मारे गए हैं।

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