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आईपीएल खिलाड़ियों पर आतंकी हमले की खबरे बेबुनियाद - मुंबई पुलिस 

आईपीएल खिलाड़ियों पर आतंकी हमले की खबरे बेबुनियाद - मुंबई पुलिस 

डिजिटल डेस्क, मुंबई। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के दौरान खिलाड़ियों पर आतंकी हमले के अलर्ट से जुड़ी खबर को मुंबई पुलिस ने सिरे से खारिज किया है। कुछ वेबसाइट्स पर इस तरह की खबर है कि एटीएस ने एक आतंकी को पकड़ा है जिसने होटल ट्राइडेंट से वानखेडे स्टेडियम तक रेकी की है। लेकिन एटीएस के आला अधिकारियों और मुंबई पुलिस के प्रवक्ता डीसीपी मंजूनाथ सिंगे ने इसे पूरी तरह झूठी खबर बताया है। सिंगे ने कहा कि आईपीएल और खिलाड़ियों पर आतंकी हमले से जुड़ा कोई अलर्ट खुफिया एजेंसियों की ओर से जारी नहीं किया गया है। सामान्य तौर पर आईपीएल और खिलाड़ियों के लिए जिस तरह की सुरक्षा व्यवस्था रहती है वह बरकरार है लेकिन किसी तरह का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। एटीएस प्रमुख अतुलचंद्र कुलकर्णी ने भी कहा कि एटीएस ने किसी ऐसे शख्स को गिरफ्तार नहीं किया है जिसने आईपीएल के दौरान आतंकी हमले या रेकी जैसी कोई जानकारी दी हो। यह खबर पूरी तरह बेबुनियाद है। बता दें कि कुछ वेबसाइट्स पर इस तरह की खबर है कि एटीएस ने एक संदिग्ध को पकड़ा है जिसने होटल ट्राइडेंट और वानखेडे स्टेडियम के बीच खिलाड़ियों पर आतंकी हमले के लिए रेकी की थी। खबर में यह भी दावा किया गया है कि इसके बाद मुंबई पुलिस को अलर्ट जारी किया गया है। लेकिन अधिकारियों ने इस खबर को पूरी तरह निराधार बताया है।

लंदन भागने की कोशिश कर रहा 50 करोड़ के फर्जीवाड़े का आरोपी गिरफ्तार

एक मामले में फर्जी कागजात के आधार पर पुणे के मावल तालुका में स्थित 50 करोड़ रुपए की जमीन हड़पने की कोशिश के मामले में मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने मुख्य आरोपी युसुफ मोहम्मद लकडावाला को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में मोहन नायर नाम का उसका साथी भी आरोपी है। लकडावाला को अहमदाबाद हवाई अड्डे से उस वक्त गिरफ्तार किया गया जब वह लंदन भागने की तैयारी कर रहा था। दोनों आरोपियों के खिलाफ मावल तालुका के सब रजिस्ट्रार ने शिकायत दर्ज कराई थी। एमआरए मार्ग पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दी गई थी। आरोप है कि लकडावाला और नायर ने मावल तालुका की तुर्गाली में स्थित सर्वे क्रमांक 104 की 4 एकड़ 38 गुंठा जमीन फर्जी कागजात के आधार पर हासिल करने की कोशिश की थी। आरोपियों ने अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकते हुए एफिडेविट कम डीड ऑफ कंफर्मेशन बनाने की कोशिश की। मामले का खुलासा होने के बाद सब रजिस्ट्रार ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।  

200 सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर मिली गुमशुदा बच्ची का सुराग

उधर बांद्रा इलाके में तीन साल की बच्ची की गुमशुदगी की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। बच्ची तक पहुंचने के लिए पुलिस को शहरभर में लगे करीब 200 सीसीटीवी कैमरे खंगालने पड़े। मामले में पकड़ी गई एक महिला ने पूछताछ में बताया कि उसे बच्ची चर्चगेट स्टेशन के पास अकेली घूमते हुए मिली थी। उसने बच्ची को उठाकर अपनी नि:संतान ननद को दे दिया था। बांद्रा पूर्व इलाके में रहने वाली शहनाज शेख नाम की महिला ने मामले में निर्मल नगर पुलिस स्टेशन में बच्ची के अगवा होने की शिकायत दर्ज कराई थी। 30 मार्च को दर्ज शिकायत के मुताबिक तीन साल की बच्ची फातिमा घर के बाहर खेल रही थी जहां से वह गायब हो गई। पुलिस इंस्पेक्टर प्रमोद कांबले की अगुआई में पुलिस ने छानबीन शुरू की। पुलिस ने स्टेशन के पास रहने वाली बच्ची के घर के आसपास सैकड़ों लोगों से पूछताछ की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद इलाके के सभी सीटीटीवी खंगाले गए इसमें बच्ची स्टेशन की ओर जाती दिखी। छानबीन के दौरान पुलिस ने पाया कि तीन साल की बच्ची ने अकेले लोकल ट्रेन पकड़ ली थी। इसके बाद बच्ची कहां उतरी इस बात की छानबीन के लिए पुलिस ने चर्चगेट रेलवे स्टेशन तक के सभी सीसीटीवी खंगाले। आखिरकार चर्चगेट में एक सीसीटीवी में एक महिला बच्ची को अपने साथ लेकर जाती नजर आई। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद मिरा काले नाम की महिला को खोज निकाला। वह मंत्रालय के सामने फुटपाथ पर रहती थी। मीरा ने पुलिस को बताया कि उसने बच्ची अपनी ननद मीना चव्हाण को सौंप दिया जिसकी कोई संतान नहीं है। इसके बाद पुलिस ने बच्ची को बरामद कर उसकी मां को सौंप दिया। सीनियर इंस्पेक्टर सुभाष जाधव ने बताया कि बच्ची ने अकेले जाकर लोकल ट्रेन पकड़ ली थी। चर्चगेट में वह महिला को मिली जिसने बच्ची को पुलिस को सौंपने के बजाय अपनी ननद को दे दिया। इसलिए दोनों महिलाओं के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। 
 

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Jjuli