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ब्रह्मोस देश की सबसे उच्च तकनीक मिसाइल

BhaskarHindi.com | Last Modified - December 05th, 2018 16:31 IST

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ब्रह्मोस देश की सबसे उच्च तकनीक मिसाइल

डिजिटल डेस्क, नागपुर। ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल देश की अब तक का सबसे उच्च तकनीक की मिसाइल है। इस मिसाइल का निरीक्षण ब्रह्मोस एयराेस्पेस प्राइवेट लिमिटेड नागपुर में किया जाता है, जो सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। इसके बाद ही भारतीय सेना, भारतीय नौसेना व भारतीय वायुसेना को दोष रहित उत्कृष्ट मिसाइल सप्लाई कर पाते हैं। यह बात एनएआई के नौसेना के मुख्य निरीक्षण कमांडर पी.पी.जोशी ने कही। वे नौसेना के 48 वें दिवस पर अंबाझरी स्थित आर्डिनेंस फैक्टरी में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ऑर्डिनेंस फैक्टरी अंबाझरी के वरिष्ठ महाप्रबंधक रवींद्रन विश्वनाथन, आॅर्डिनेंस फैक्टरी अंबाझरी महिला कल्याण संघ की अध्यक्ष क्षमा रवींद्रन आदि उपस्थित थे।

नौसेना दिवस देशभर में नौसेना बल की उपलब्धियों और भूमिका के जश्न के रूप में मनाया जाता है। 4 दिसंबर 1971 को भारत-पाक युद्ध के दौरान मिली सफलता के लिए मनाया जाता है। भारतीय नौसेना के जहाजों से छोड़ी गईं मिसाइलों ने पाकिस्तान के जहाजों पर हमला कर उन्हें डूबो दिया और भारी नुकसान पहुंचाया था। ऑपरेशन ट्राइडेंट इस क्षेत्र में युद्ध में एंटी-शिप मिसाइल का पहला उपयोग दिखा।

कमांडर जोशी ने आॅर्डिनेंस फैक्टरी अंबाझरी में स्थित द नेवल अर्मामेंट इंस्पेक्शन (एनएआई) में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। एनएआई नौसेना के स्टोर के निरीक्षण के लिए जिम्मेदार है। अंबाझरी में स्थित विभिन्न ऑर्डिनेंस कारखानों में निर्मित हथियार, हार्डवेयर तथा चांदा व भंडारा में एक्सप्लोजेसेस, मैसर्स ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड नागपुर व नागपुर के आस-पास विभिन्न व्यापारिक फर्मों में निरीक्षण किया जाता है। सेवानिवृत्त कमांडर सुसिन्द्रनाथ ने भारतीय नौसेना का 1971 का भारत-पाकिस्तान में कराची हार्बर पर सफलतापूर्वक हमले व एयरक्राफ्टर कैरियर आईएनएस विक्रमादित्य और न्यूक्लियर सबमरीन आईएनएस अरिहंत के बारे में जानकारी दी। भारतीय नौसेना की नारी शक्ति लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी व उनके महिला समूह ने तारिणी सेलिंग जहाज से पूरी दुनिया के सफर, की जानकारी दी। इस अवसर पर सेवानिवृत्त कोमोडोर यू.एन. चिटणवीस, ग्रुप कप्तान आर.पी.सिंह, (वीएसएम), लेफ्टिनेंट कर्नल बालगोपाल, सेवानिवृत्त कोमोडोर जी.एस.कनवल, लेफ्टिनेंट एस.श्रवण उपस्थित थे।

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