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स्मार्ट सिटी की सड़कें बनी चुनौती, टेंडर के बाद शुरू हुआ काम

स्मार्ट सिटी की सड़कें बनी चुनौती, टेंडर के बाद शुरू हुआ काम

डिजिटल डेस्क, नागपुर। शहर के बड़े प्रोजेक्ट में शामिल स्मार्ट सिटी के टेंडर के बाद सड़क बनाने का काम भी चालू हो गया है। यह सड़कें 30 मीटर से लेकर 24 और 18 मीटर की हैं। विशेष बात यह है कि यह काम टेंडर शुअर पद्धति से किया जा रहा है, जिससे सड़क बनाने के पूर्व सारी लाइन को डाला जाएगा। इससे बाद किसी भी काम के लिए सड़क को खोदने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। हालांकि इन सड़कों को बनाने को लेकर स्थानीय नागरिकों ने आपत्ति दर्ज करवाई, जिसके बाद वहां का काम कुछ समय के लिए बंद किया गया। स्मार्ट सिटी को लेकर काफी समय से चर्चाएं चल रही थीं। आचार संहिता के पूर्व 3303.62 करोड़ रुपए की लागत से 1730 एकड़ में बनने वाली स्मार्ट सिटी का भूमिपूजन किया गया था। इसके बाद हाल ही में सड़क बनाने का काम चालू हो गया है, चूंकि यह काम टेंडरशुअर पद्धति से किया जा रहा है, इस वजह से सड़क में सीवर और पानी की लाइन से लेकर बिजली, टेलीफोन और गैस सहित सभी लाइन को पहले ही डाल दिया जाएगा।

यह सड़कें बन रही हैं

  •  पीली नदी को मिलने वाला 30 मीटर चौड़ी 3.59 किलोमीटर की सड़क
  •  कलमना कपाउंड से पीली-नाग नदी को मिलने वाली 30 मीटर चौड़ी 3.59 किलोमीटर की सड़क
  •  सरजा होटल से वाई जंक्शन को मिलने वाली 24 मीटर चौड़ी 2.59 किलोमीटर की सड़क
  •  भंडारा रोड तलमले ले-आउट से भरतवाड़ा की ओर जाने वाली 24 मीटर चौड़ी 2.06 किलोमीटर की सड़क
  •  पूनापुरगांव से कापसी की ओर जाने वाली 18 मीटर चौड़ी 1.84 किलोमीटर की सड़क

इसलिए सड़क बन रही चुनौती

स्मार्ट सिटी में बहुत सारी जगह ऐसी हैं जहां रास्ते भी नहीं हैं, ऐसी जगहों पर सड़क बनाना स्मार्ट सिटी के लिए बड़ी चुनाैती है। जिनकी जगह जा रही है वे विरोध कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर बहुत जगह ऐसी है जहां रास्ता तो है, लेकिन चौड़ाई बढ़ाने पर स्थानीय नागरिकों के घर टूट रहे हैं। इस वजह से वहां मार्ग बनाना एक चुनौती है।

योजना बनाकर होंगे एक साथ काम

सड़क बनाने के पूर्व सीवर लाइन, पानी की लाइन, बिजली की लाइन के साथ ही बीएसएलएल और फाइबर ऑप्टीकल की लाइन, गैस की लाइन, स्ट्रीट लाइट के साथ ही डिवाइडर, फुटपाथ, साइकिल ट्रैक और बस स्टैंड पर बसों को खड़ा करने के लिए अलग स्टॉप बनाया जाएगा।
 

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