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धंतोली के निर्माणकार्य पर नजर रखेगी मनपा , हाईकोर्ट के निर्देश

BhaskarHindi.com | Last Modified - December 05th, 2018 14:11 IST

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धंतोली के निर्माणकार्य पर नजर रखेगी मनपा , हाईकोर्ट के निर्देश

डिजिटल डेस्क, नागपुर। शहर के संपन्न व अतिव्यस्त क्षेत्र धंतोली में व्याप्त अव्यवस्थाओं पर कोर्ट ने मनपा को निर्देश दिए हैं कि वह यहां के हर निर्माणकार्य पर नजर रखे।  धंतोली नागरिक मंडल ने बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ में जनहित याचिका दायर कर धंतोली क्षेत्र में फैली विविध अव्यवस्थाओं का मुद्दा उठाया है। इस मामले में मुख्य न्यायमूर्ति नरेश पाटील और न्या. नितीन सांबरे की खंडपीठ ने मनपा को आदेश जारी किए हैं कि वह धंतोली में होने वाले किसी भी निर्माणकार्य पर अपनी पैनी नजर रखे और सुनिश्चित करे कि वहां पार्किंग या अन्य जरूरी सुविधाओं का उल्लंघन करके निर्माणकार्य न हो। इसके लिए सैंक्शन प्लान को सख्ती से लागू करने को कहा गया है। दरअसल, धंतोली में धड़ल्ले से हो रहे अस्पताल व अन्य प्रोजेक्ट के निर्माणकार्यों में जमकर उल्लंघन होने का मुद्दा कोर्ट के संज्ञान में आया है। 

कम नहीं हो रही मुश्किल
याचिकाकर्ता ने धंतोली क्षेत्र में फैली अतिक्रमण और यातायात की समस्या पर प्रकाश डाला है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से प्रार्थना की थी कि क्षेत्र में बनने वाली नई इमारतों में पार्किंग के पुख्ता प्रबंध करने के आदेश जारी किए जाएं। साथ ही मौजूदा भू-खंड और निर्माणकार्य संबंधी नियमों में भी जरूरी बदलाव किए जाएं, ताकि क्षेत्र के निवासियों को ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात मिले। याचिकाकर्ता का पक्ष सुनकर पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने धंतोली में निर्माणकार्य पर स्थगन लगा कर मनपा आयुक्त, शहरी विकास विभाग प्रधान सचिव और अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया था। इस मामले में याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को सुझाव दिए थे कि क्षेत्र में ऑड इवन पार्किंग व्यवस्था, वन-वे रोड, यातायात पुलिस नियुक्ति जैसे विविध उपाय किए जा सकते हैं।   सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने यह आदेश जारी किए हैं। 

क्षेत्र में पार्किंग की समस्या हल करने के लिए ऑड-इवन पार्किंग व्यवस्था लागू करने और सड़क चौड़ाईकरण के काम शुरू करने को कहा गया है। कोर्ट ने मनपा, यातायात व परिवहन विभाग को अापस में बैठक लेकर धंतोली के नागरिकों की समस्याओं का समाधान करने के लिए नीतियां बनाने के आदेश हाईकोर्ट ने दिए हैं। मामले में याचिकाकर्ता की ओर से आशुतोष धर्माधिकारी ने पक्ष रखा। 
 

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