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भरत मर्डर केस : मासूम के कत्ल और लाश ठिकाने लगाने के वो आखिरी 27 मिनट

BhaskarHindi.com | Last Modified - January 11th, 2018 14:04 IST

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डिजिटल डेस्क,भोपाल। ये कहानी दिल को झकझोरने वाली है। भोपाल के बैरागढ़ इलाके में आठ साल के मासूम को उसके ही टीचर ने मार डाला। आठ साल के भरत का कोई कसूर नहीं था। वो तो दो लोगों की हवस और एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर्स का शिकार हो गया। 

इस दिल दहलाने वाली घटना के पीछे जो कहानी आई है वो बताती है कि सोसायटी कहां जा रही है। आठ साल के भरत महावर को इसलिए मार डाला गया कि वह उसकी मां के अवैध संबंधों में रोड़ा बन गया था।  दो दिन की पुलिस पड़ताल में जो कहानी सामने आई वो नृशंसता की पराकाष्ठा है। भरत ने ट्यूशन पढ़ाने वाले विशाल रूपाणी उर्फ बिट्टू और मां को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। 

सरेआम पिटाई से नाराज था आरोपी

इसके बाद बच्चे ने ये राज अपने पिता और चाचा के सामने खोल दिया। इन दोनों ने बिट्टू की मोहल्ले भर के सामने पिटाई की थी। उस दिन से ही बिट्टू ने भरत को रास्ते से हटाने का सोच लिया था। वह इतना क्रूर था कि मासूम को बहलाकर पहले अपने आॅफिस ले गया फिर गला घोंटकर उसे बोरी में भरकर इंदौर रोड पर फेंक आया।

सीसीटीवी फुटेज में कैद वाक्या

ये सब करते हुए न तो उसके हाथ कांपे न ही दिल पसीजा। बैरागढ़ के जिस काम्पलेक्स में उसने इस घिनौने काम को अंजाम दिया। वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में उसकी पूरी हरकत रिकॉर्ड हो गई। वह बच्चे को अपने आॅफिस लाया, मौत के घाट उतारने के बाद बोरी लेकर आया। बोरी में शव रखकर उसे घसीटते हुए नीचे लाया। उसे एक युवक की मदद से बाइक पर रखा और शव रखते हुए बाइक दो बार गिरी भी, ये सब भी कैमरे से छुप नहीं सका। 
 

सोमवार को हो गया था लापता

गौरतलब है कि क्राइस्ट मेमोरियल स्कूल में दूसरी कक्षा का छात्र भरत स्कूल की छुट्टी होने के बाद से ही लापता था। घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की। ढूंढते हुए स्कूल पहुंचने पर स्कूल प्रबंधन ने बताया कि वो घर जा चुका है। काफी तलाशने के बाद परिजनों ने बैरागढ़ थाने में भरत की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 


जूते की लेस से घोंटा गला

पुलिस शिकायत के आधार पर तलाश कर ही रही थी कि देर शाम परवालिया पुलिस को जानकारी मिली कि मुबारकपुर जोड पर स्कूली छात्र की लाश पड़ी है। परवलिया पुलिस ने शव मिलने के बाद बाहर निकाला तो गले में इतनी कसकर गांठें लगी थीं कि इन्हें पुलिस भी नहीं खोल पाई। हत्या के बाद आरोपी ने बोरी में बच्चे का शव ठूंसकर उसमें बैग और जूते भरकर उसे सिल दिया था, जिससे कोई कुछ समझ न पाए।

छोटी बहन ने खोला राज

भरत की छोटी बहन कनक की आंखोंदेखी ने इस मामले को लगभग सुलझा दिया था। कनक ने कहा था, 'छुट्टी होने पर मैं स्कूल के बाहर आ गई। भाई झूला झूलते दिखा था। उसके बाद वह गायब हो गया। ऑटो में जाते वक्त वह बिट्टू (विशाल) अंकल के साथ दिखा था। वह गली में छिप रहा था। तभी नकाब पहनकर बिट्टू अंकल ने भरत को बोरे में भर लिया।

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