comScore

पाप मोचनी एकादशी 2018: अगर सुन लेंगे ये कथा तो दूर हो जाएंगे सारे संकट

February 01st, 2018 07:21 IST


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पाप मोचनी एकादशी, इस वर्ष मंगलवार 13 मार्च 2018 को मनाई जाएगी। चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी काे पापमोचनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है पापों को नष्ट करने वाली यह एकादशी भी भगवान विष्णु को ही समर्पित है। 


इस दिन या व्रत के संबंध में धर्मराज युधिष्ठिर ने भगवान कृष्ण से पूछा था। इसके संबंध में बताया जाता है कि यह इसकी विधि कान्हा ने युधिष्ठिर को बताई थी। इसी प्रकार ऐसा भी उल्लेख मिलता है कि इस व्रत के बारे में ब्रम्हदेव ने देवर्षि नारद को बताया था। 


व्रत कथा एवं महत्व 
इस व्रत की पौराणिक कथा के अनुसार प्राचीन काल में चित्ररथ नामक एक रमणिक वन था। यहां देवराज इंद्र देवताओं सहित विहार किया करते थे। यहां मेधावी नाम के ऋषि तप किया करते थे। कामदेव ने ऋषि के तप को भंग करने के लिए मंजुघोषा नामक अप्सरा को भेजा मेधावी ऋषि उसके मोह में पड़ गए और इस तरह 57 वर्ष व्यतीत हो गए। 


एक दिन अप्सरा के देवलोक जाने की आज्ञा मांगने पर ऋषि को स्मरण हुआ कि उनके तप को भंग करने का करण अप्सरा ही है। उन्होंने उसे श्राप दे दिया। जब मंजुघोषा ने उनसे क्षमा मांगी आैर श्राप से मुक्त हाेने का उपाय पूछा। उसके रुदन से ऋषि काे दया आ गयी।  इस पर उन्होंने उसे पाप मोचनी एकादशी का व्रत धारण करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि जो भी इस व्रत को विधि पूर्वक रखेगा उसे समस्त पापों से एवं इसके महत्व, कथा को सुनने से समस्त संकटों से मुक्ति मिलेगी। जो भी जातक इस दिन व्रत धारण कर विधि विधान से भगवान विष्णु की पूजा करेगा उसके समस्त पाप नष्ट होंगे। मंजुघाेषा ने ऋषि के बताए अनुसार ऐसा ही किया अाैर वह श्राप से मुक्त हाेकर दाेबारा देवलोक की आेर प्रस्थान कर गयी।

कमेंट करें
Survey
आज के मैच
IPL | Match 40 | 22 April 2019 | 08:00 PM
RR
v
DC
Sawai Mansingh Stadium, Jaipur