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जलसंकट से बिगड़े हालात, पार्षद के घर का किया घेराव

जलसंकट से बिगड़े हालात, पार्षद के घर का किया घेराव

डिजिटल डेस्क, नागपुर। शहर में जल संकट की  स्थिति बेकाबू होते जा रही है। पानी के जहां टैंकरों और बोरवेल में लोगों की लाइन लग रही है वहीं इस समस्या को लेकर  जमकर विवाद हो रहा है । पानी न मिलने से कुछ लोगों ने नगरसेविका के घर का घेराव किया। समझाने के बाद भी मामला नहीं सुलझा तो दोनों पक्ष अजनी थाने पहुंचे। वहां आपसी चर्चा से मामला सुलझा लिया गया।  

यह है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, भगवान नगर में पानी का टैंकर भेजा गया था, पर वहां के कुछ लोगों ने आपत्ति दर्ज करवाई कि उन्हें पानी नहीं मिला। नगरसेवक के पति ने कहा कि टैंकर चालक से बात करवाइए, पानी सबको दिया जाएगा। तभी चालक ने बताया कि पानी खत्म हो गया है। इस पर स्थानीय लोगों ने हंगामा खड़ा कर दिया। प्रभाग 33 की नगरसेविका विशाखा बांते के घर के बाहर दोपहर करीब 12 बजे 20-25 लोगों ने हंगामा किया और भेदभाव का आरोप लगाया।

नगरसेविका ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है, जबकि उनके पति शरद बांते ने कहा कि अगली बार से पानी का वितरण एक लाइन से होगा, जिससे परेशानी नहीं आएगी। उन्होंने टैंकर मंगवाया था, इस वजह से उन्हें पानी दिया गया। इसके बाद भी मामला शांत नहीं हुआ। भेदभाव के आरोप के साथ कुछ लोग नगरसेविका के खिलाफ मामला थाने लेकर पहुंचे, जहां अन्य नगरसेवक भी जमा हो गए और आपसी समझाइश के बाद दोनों पक्ष वापस लौट आए।

प्रभाग 33 में आपसी बातचीत से मामला शांत तो हो गया लेकिन इस तरह के हालात शहर की अन्य बस्तियों में भी बने हुए हैं। नलों में एक-दो दिनों बाद पानी आ रहा है वह भी कुछ समय के लिए। भीषण गर्मी में पानी की जरूरत सबसे अधिक होती है। स्थानीय प्रशासन समस्या का हल समय के पूर्व नहीं निकालता। शहर के कई कुएं कचरे से बजबजाए हुई हैं। इन कुओं की यदि पहले ही सफाई कर दी जाती तो हालात कुछ हद तक सुधर सकते थे। प्रशासन की उदासीनता से जलसंकट की स्थिति बिगड़ने का आरोप जनता लगा रही है।

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