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SC ने 'पद्मावती' की रिलीज के मामले में दखल देने से किया इनकार

November 10th, 2017 21:03 IST
SC ने 'पद्मावती' की रिलीज के मामले में दखल देने से किया इनकार

डिजिटल डेस्क, मुंबई। निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावती' की रिलीज के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वो इस मामले में दखल नहीं देगा। कोर्ट ने कहा कि किसी भी फिल्म को सर्टिफाई करने के लिए सेंसर बोर्ड की पर्याप्त गाइडलाइन्स हैं। इससे पहले याचिका को दायर करने वाले सिद्धराज सिंह चूडास्मा ने कहा था कि फिल्म में अलाउद्दीन खिलजी और पद्मावती के चरित्र का सही चित्रांकन नहीं किया गया है। यह वो राजपूत समाज को आहत कर सकता है। सिद्धराज का कहना है कि राजपूत समाज के लोगों को इस बात का मौका मिलना चाहिए कि वो फिल्म को रिलीज से पहले देखें। 


बता दें कि याचिका में संजय लीला भंसाली पर आरोपी है कि उन्होंने फिल्म बनाने में कुछ ज्यादा ही स्वतंत्रता ली है। इतना ही नहीं कई तथ्यों के साथ भी छेड़छाड़ की है। इस याचिका में यह भी कहा गया है कि फिल्म के गाने में रानी पद्मावती घूमर डांस करती नजर आ रही हैं। जबकि राजघराने की रानियां घमूर और ठुमके नहीं लगाती थीं। याचिका में दीपिका के कॉस्टयूम पर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिका में कहा गया है कि रानी पद्मावती के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करने के बाद ही फिल्म को रिलीज किया जाए। 

वहीं संजय लीला भंसाली फिल्म को लेकर अपना पक्ष रख चुके हैं। उन्होंने दो दिन पहले एक वीडियो संदेश के जरिए ये साफ किया है कि फिल्म में पद्मावती और अलाउद्दीन खिलजी के बीच कोई ड्रीम सीक्वेंस नहीं है। यहां तक कि रणवीर और दीपिका ने कभी 'पद्मावती' की शूटिंग साथ भी नहीं की। 

सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने भी की टिप्पड़ी


फिल्म 'पदमावती' पर बीजेपी के नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने भी टिप्पणी की है। उन्होंने "संजय लीला भंसाली को मिल रहे पैसों की जांट ईडी से करवानी चाहिए। हमें ध्यान देना चाहिए कि कहीं इसके पीछे कोई अंतरराष्ट्रीय साजिश तो नहीं है। दुबई के लोग यह जरूर चाहते हैं कि एक मुस्लिम शासक को हीरो की तरह पेश किया जाए। यूपीए आने के बाद ऐसे लोगों को उत्साह मिला है।"


फिल्म में शाहिद कपूर भी मुख्य भूमिका में हैं, जो पदमावती के पति के किरदार महारावल रतन सिंह की भूमिका में हैं।  यह फिल्म 1 दिसंबर को रिलीज के लिए तैयार है, हालांकि खबरें यह भी हैं कि फिल्म 30 नवंबर को ही रिलीज कर दी जाएगी। 

फिल्म को लेकर शूटिंग के दौरान से ही भंसाली को झेलना पड़ रहा है। बीजेपी सांसद चिंतामणि मालवीय ने तो भंसाली के लिए अपमानजनक शब्दों का भी इस्तेमाल करते हुए कहा कि 'भंसाली को जूतों की भाषा समझ में आती है।' मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच चुका है, लेकिन इस पर आज होने वाली सुनवाई से कोर्ट ने इनकार कर दिया है। 

सेंसर के पास नहीं पहुंची फिल्म 

फिल्म 'पद्मावती' अभी तक सेंसर बोर्ड के पास भी नहीं गई है, उससे पहले ही राजपूत समाज की मांग है कि फिल्म उन्हें दिखाई जाए। अब बीजेपी भी फिल्म के विरोध में राजपूत संगठनों के साथ कूद पड़ी है। बीजेपी विधायक राजपुरोहित ने कहा कि करणी सेना सीएम के घर के बाहर मोर्चा निकालेगी और वे खुद इस मोर्चें में शामिल होंगे। महाराष्ट्र विधानसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक पुरोहित ने कहा कि संजय लीला ने फिल्म के ट्रेलर में आलाउद्दीन खिलजी को काफी शक्तिशाली और विजेता की तरह दिखाने की कोशिश की है। हकीकत यह है कि उसने अपने चाचा का धोखे से कत्ल कर गद्दी हासिल की थी।

पुरोहित के मुताबिक, खिलजी व्याभिचारी और चरित्रहीन था, ऐसे शख्स का महिमा मंडन नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर फिल्म सेंसर बोर्ड में पास हुई तो राजपूत समाज के साथ-साथ दूसरे लोग भी सिनेमाघरों के सामने लोकतांत्रिक ढंग से विरोध प्रदर्शन करेंगे। बीजेपी के फायरब्रांड नेता सांसद साक्षी महाराज ने भी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि इतिहास के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिस तरह पद्मावती, महारानी, मां, हिंदू और किसानों का मजाक बनाया जा रहा है, फिल्म को बैन कर देना चाहिए। 

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