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ब्रिटेन: पीएम के लिए होड़ तेज, पूर्व विदेश मंत्री सहित ये पांच नाम सबसे आगे

ब्रिटेन: पीएम के लिए होड़ तेज, पूर्व विदेश मंत्री सहित ये पांच नाम सबसे आगे

हाईलाइट

  • ब्रिटेन के नए पीएम के लिए पूर्व विदेश मंत्री बोरिस जॉनसन ने की दावेदारी
  • पीएम थेरेसा मे अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर चुकी हैं
  • थेरेसा सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव पार्टी के नेता के पद से 7 जून को इस्तीफा देंगी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ब्रिटेन में ब्रेग्जिट डील को लेकर पर गरमाई सियासत के बीच नए प्रधानमंत्री पद के लिए होड़ तेज हो गई है। मौजूदा प्रधानमंत्री थेरेसा मे के इस्तीफे की घोषणा के बाद नए पीएम की रेस में पांच नाम प्रमुखता से सामने आए हैं। पीएम पद के लिए पूर्व विदेश मंत्री बोरिस जॉनसन की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है। इनके अलावा वतर्मान विदेश मंत्री जेरेमी हंट, इंटरनेशनल डेवलपमेंट सेक्रेटरी रॉरी स्टीवर्ट और पूर्व वर्क एंड पेंशन मिनिस्टर एस्‍थेर मैक्वे का नाम भी दावेदारों में शामिल हैं। ब्रिटेन के स्वास्‍थ्य मंत्री मैट हैंकॉक ने भी दावेदारी की है।

7 जून को इस्तीफा देंगी थेरेसा मे
दरअसल ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ब्रिटिश संसद में ब्रेक्जिट मुद्दे पर बार-बार हार का सामना करने के बाद इस्तीफा देने की घोषणा कर चुकी हैं। शुक्रवार को एक भावुक संबोधन में उन्होंने कहा था कि, वह सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव पार्टी के नेता के पद से सात जून को इस्तीफा दे देंगी। हालांकि उत्तराधिकारी चुने जाने तक थेरेसा मे प्रधानमंत्री के पद पर बनी रहेंगी। बता दें कि थेरेसा मे यूरोपियन यूनियन से यूनाइटेड किंगडम (UK) को बाहर करने के समझौते पर अपनी कंजर्वेटिव पार्टी को ही नहीं मना पाईं हैं।

संबोधन में भावुक होकर रोने लगी थीं थेरेसा
शुक्रवार (24 मई) को डाउनिंग स्ट्रीट स्थित अपने आधिकारिक आवास के बाहर थेरेसा मे ने अपने संबोधन में भावुक होकर कहा था, यह मेरे लिए बेहद दुःख का मुद्दा है और हमेशा दुःख का मुद्दा रहेगा कि मैं ब्रेक्ज़िट डिलीवर नहीं कर पाई। मैं 7 जून को कंज़र्वेटिव पार्टी की नेता के पद से इस्तीफा दे दूंगी। थेरेसा ने ये भी कहा था कि, 2016 में हुए ब्रेक्ज़िट सौदे के लिए समर्थन जुटाने की पूरी कोशिश की मगर यह देश के हित में होगा अब नया प्रधानमंत्री प्रयासों को जारी रखे। यह घोषणा करते समय थेरेसा मे भावुक होकर रोने लगी थीं। 

2016 में हुई थी ब्रेक्ज़िट डील
इसी साल मार्च में ब्रिटेन की संसद ने प्रधानमंत्री थेरेसा मे के ब्रेग्जिट करार को दूसरी बार खारिज कर दिया था। ब्रिटिश संसद के निचले सदन ‘हाउस ऑफ कॉमंस’ ने 242 के मुकाबले 391 वोटों से इस डील को खारिज किया था। इससे पहले थेरेसा मे ने अपनी कंजर्वेटिव पार्टी के सांसदों से अपील की थी कि वे अपनी 'निजी प्राथमिकताओं' को दरकिनार कर इस समझौते पर एकजुट हों। गौरतलब है कि, 23 जून 2016 को यूके में एक जनमत संग्रह हुआ था। यह इस बात से जुड़ा था कि इसे यूरोपीय संघ का हिस्‍सा रहना चाहिए या फिर छोड़ देना चाहिए। जनमत संग्रह में 52 प्रतिशत लोगों ने वोट किया और कहा कि यूके को यूरोपीय संघ से बाहर आ जाना चाहिए। 48 प्रतिशत लोगों ने इसमें बने रहने के पक्ष में वोट किया था।

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