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तापी बांध ने बढ़ाई आदिवासियों की चिंता, बैठक में जताया विरोध

BhaskarHindi.com | Last Modified - September 14th, 2018 16:04 IST

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तापी बांध ने बढ़ाई आदिवासियों की चिंता, बैठक में जताया विरोध

डिजिटल डेस्क, धारणी ( अमरावती)। तापी मेगा रिचार्ज प्रोजेक्ट  के लिए हरी झंडी मिलने से मध्यप्रदेश के बैतूल, खंडवा और महाराष्ट्र के अमरावती जिले के मेलघाट क्षेत्र के आदिवासियों की चिंता बढ़ गई है। इस संदर्भ में विचार-विमर्श करने के लिए  तापी पंचायत की बैठक  मध्यप्रदेश के दावनिया में आयोजित की गई। जिसमें धारणी क्षेत्र में रहने वाले आदिवासी लोगों ने हिस्सा लिया और तापी परियोजना का विरोध जताया। 

बता दें कि अमरावती जिले के मेलघाट से बहनेवाली तापी नदी पर तापी मेगा  रिचार्ज प्रकल्प बनाने की अनुमति केंद्रीय भूजल महामंडल की ओर से वर्ष 1995 में दी गई थीं। इसके बाद से ही इस प्रकल्प के डूबित क्षेत्रों  के पुर्नवास को लेकर लोगों में चर्चाएं व्याप्त रही। महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश की सीमा पर खारिया घुटीघाट के पास महाकाय पुनर्भरण योजना प्रस्तावित है। यह योजना क्रियान्वित करने के लिए वरिष्ठ स्तर से हलचल शुरू हो गई है। खारिया घुटीघाट के पास एक नहर निर्माणकार्य की योजना है। इस योजना में एक भी गांव बाधित नहीं होगा। इस नहर में 320.00  जलसंचय हो सकेगा। 232 किमी लंबी खरिया घुटीघाट से अनेर बांध (जलगांव) तक  बायी नहर व 260  किमी के प्रकल्प स्थल से अचलपुर तक दायीं नहर बनायी जाएगी।

जगह-जगह नदी नालों के पुनर्भरण के लिए पानी छोड़ा जाएगा। इस मेगा रिचार्ज प्रकल्प  का महाराष्ट्र के  2लाख 13  हजार 709  हेक्टेयर और मध्यप्रदेश के 55 हजार089 हेक्टेयर कुल 1 लाख 85 हजार 724  हेक्टेयर क्षेत्र की जनता को अप्रत्यक्ष  तौर पर लाभ मिलेगा। इसके अलावा तापी मेगा रिचार्ज प्रकल्प से निर्माण होनेवाले जलसंग्रह में से अमरावती जिले की 21 हजार और मध्यप्रदेश की 28 हजार हेक्टेयर खेत जमीन सिंचाई क्षेत्र में लाए जाने का नियोजन किया गया है। अमरावती जिले के धारणी तहसील की 1710  हेक्टेयर और मध्यप्रदेश की 1615 हेक्टेयर कुल 3325  हेक्टेयर जमीन डूबित क्षेत्र में समाएगी। हालांकि इस परियोजना को लेकर सरकार की भूमिका अबतक स्पष्ट नहीं की गई है। जिसके चलते परियोजना को लेकर ग्रामीणों मेें भय बना हुआ है। 

प्रकल्प के वरिष्ठ अधिकारी करेंगे जनसुनवाई
महाराष्ट्र व मध्यप्रदेश की सीमा क्षेत्र में आनेवाले धारणी तहसील के खारीया घुटीघाट मेें तापी मेगा पुनर्भरन प्रकल्प को लेकर कुछ राजनीतिक दलों द्वारा गलतफहमियां फैलाकर अपनी रोटियां सेंकने का काम किया जा रहा है। आदिवासी जनता में गांवों के पुनर्वास को लेकर जो भी संदेह है वह दूर करने के लिए तापी खोरे महामंडल के अधिकारी वी.डी. पाटील, कार्यकारी अभियंता जी.एस. महाजन, भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश सूर्यवंशी, विधायक प्रभुदास भिलावेकर की मौजूदगी में जनजागृति सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। प्रकल्प को लेकर प्रकल्प के वरिष्ठ अधिकारी जिलास्तर पर जनसुनवाई करेंगे।
(लक्ष्मीकांत पाटील, तहसील अध्यक्ष भाजपा)

ग्रामसभा में प्रोजेक्ट को लेकर निर्णय
धारणी तहसील पेसा एरिया है। पेसा कानून की धारा २६ के तहत पेसा क्षेत्र में कोई भी प्रोजेक्ट प्रस्तावित करने के लिए ग्रामसभा के सामने यह प्रस्ताव रखना पड़ता है। जिसमें चार मुद्दों को रखा जाता है। ग्रामसभा में ही प्रोजेक्ट को लेकर निर्णय लिया जाता है। धारणी तहसील में जो माहौल बना हुआ है। जिसके तहत डायरेक्ट प्रकल्प शुरू होगा ऐसे कोई हालात नहीं है। संबंधितों को यह प्रोजेक्ट ग्रामसभा में लाना पड़ेगा। इसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
(अभिजीत बांगर, जिलाधिकारी)
 

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