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अमेरिका ने सख्त किए H-1B वीजा एक्सटेंशन के नियम

October 26th, 2017 17:05 IST
अमेरिका ने सख्त किए H-1B वीजा एक्सटेंशन के नियम

डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिका ने भारतीय IT प्रोफेशनल्स की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अमेरिकी प्रशासन के नए निर्देशों में IT पेशेवरों के बीच लोकप्रिय H-1B और L-1 जैसे गैर अप्रवासी वीजा की रिन्यूअल प्रक्रिया को जटिल बना दिया गया है। एमेरिकी सिटीजनशिप एंड इमीग्रेशन सर्विसेज (USCIS) ने अपनी 13 साल पुरानी नीति में बदलाव करते हुए कहा है कि आगे से सभी तरह के वीजा के रिन्यूअल से जुड़े दस्तावेजी सबूत वीजा के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति को खुद ही उपलब्ध कराने होंगे। माना जा रहा है कि यह निर्णय ट्रंप प्रशासन की उस नीति का हिस्सा है, जिसमें अमेरिकी नागरिकों को विदेशी कर्मचारियों की वजह से नौकरियां कम होने के खतरे से बचाने की प्रतिबद्धता जताई गई है। 

पहले कठिन नहीं था वीजा एक्सटेंशन
एच-1बी वीजा भारत से अमेरिका काम करने वाले लोगों को उनकी कंपनियां दिलवाती हैं। एच-1बी और एल-1 भारतीय प्रफेशनल्स के बीच में काफी लोकप्रिय है। पहले की नीति के अनुसार वीजा आवेदक को एक बार एलीजिबल मान लिए जाने के बाद उसे आसानी से एक्सटेंशन दे दिया जाता था। नई व्यवस्था के तहत अब हर बार वीजा अवधि बढ़ाने के लिए आवेदन करते समय आवेदक को अमेरिकी अधिकारियों के समक्ष अपनी वैधता से जुड़े दस्तावेजी सबूत स्वयं पेश करने होंगे। इससे IT प्रोफेशनल्स के सामने अनेक तरह की कठिनाइयां पैदा हो जाएंगी। अमेरिकन इमीग्रेशन लायर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विलियम स्टाक ने कहा वीजा नीति में किया गया यह बदलाव नए वीजा आवेदकों के साथ-साथ अमेरिका में रह रहे लोगों पर भी समानरूप से लागू होगा।

वैधता साबित करना आवेदक की जिम्मेदारी
USCIS ने 23 अक्टूबर को जारी अपने बयान में कहा आप्रवास से जुड़े मामले पर विचार करते समय, इमीग्रेशन अधिकारियों को आवेदन करने वाले व्यक्ति की वैधता से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच कर देखना होगा कि उसके द्वारा प्रस्तुत सभी दस्तावेज सही हैं या नहीं। बयान में कहा गया है कि वैधता से जुड़े सभी दस्तावेज प्रस्तुत करना आवेदन करने वाले व्यक्ति की जिम्मेदारी है। नंबरयूएस वेबसाइट के अनुसार नई अप्रवासन नीति ट्रंप प्रशासन की उस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत अमेरिका वर्कर्स को विदेशी कर्मचारियों की वजह से नौकरियां कम होने के खतरे से बचाने की प्रतिबद्धता जताई गई है। वेब साइट ने कहा वीजा रिन्यूअल नियम कड़े होने के बाद केवल योग्य H-1B और L-1 वीजा धारकों को ही अमेरिका में रहने की अनुमति मिलेगी। फिजूल की भीड़ बाहर हो जाएगी। इससे वीजा का दुरुपयोग, धोखाधड़ी और अमेरिकी नागरिकों में नौकरियों के प्रति असुरक्षा का भाव कम होगा। 
 

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