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अमेरिकी उत्पादों पर भारत के टैरिफ से नाराज ट्रंप, कहा- अब ये स्वीकार्य नहीं

अमेरिकी उत्पादों पर भारत के टैरिफ से नाराज ट्रंप, कहा- अब ये स्वीकार्य नहीं

हाईलाइट

  • अमेरिकी उत्पादों पर भारत के टैरिफ बढ़ाने से नाराज हुए डोनाल्ड ट्रंप
  • ट्रंप ने ट्वीट कर भारत को टैरिफ बढ़ाने पर चेताया
  • ट्रंप ने कहा भारत का टैरिफ अब ये स्वीकार्य नहीं है

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप टैरिफ बढ़ाए जाने को लेकर भारत से खासे नाराज दिखाई दे रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने ट्वीट कर एक बार फिर से भारत को चेताया है। ट्रंप ने अमेरिकी उत्पादों पर भारत की ओर से लगाए जा रहे टैरिफ को बर्दाश्त नहीं करने की बात कही है।

ट्वीट में ट्रंप ने लिखा है कि, 'भारत अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाता जा रहा है, अब ये स्वीकार्य नहीं है।' ट्रंप ने पहले भी 27 जून को जी-20 सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात से पहले ऐसी ही बात कही थी। ट्रंप ने कहा था कि, मैं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करने जा रहा हूं। भारत सालों तक अमेरिकी सामानों पर ज्यादा टैरिफ लगाता आ रहा है, हाल ही में भारत ने इसमें और बढ़ोतरी कर दी है, ये स्वीकार्य नहीं है, इन्हें वापस लेना ही पड़ेगा।

बता दें कि कुछ ही दिन पहले ही भारत ने अमेरिका से आयात किए जाने वाले 28 सामानों पर टैरिफ बढ़ा दिया था। इनमें बादाम, अखरोट, दालें शामिल थीं। जिसके चलते अमेरिका पिछले कई दिनों से लगातार बयानबाजी कर रहा है। अगर अमेरिका इस मुद्दे पर भारत के खिलाफ कोई कदम उठाता है तो दोनों देशों के बीच ट्रेड वार की शुरुआत हो सकती है।

इससे पहले 5 जून को अमेरिका ने भारत को व्यापार में मिलने वालीं कुछ सुविधाओं को खत्म कर दिया था। जिन्हें सामान्य तरजीह प्रणाली Generalized System of Preferences (GSP) के नाम से जाना जाता था। इस स्कीम के तहत भारत अमेरिका को बिना शुल्क दिए सामान निर्यात कर सकता था। इस स्कीम की शुरुआत अमेरिका ने 1976 में की थी। इसके खत्म होने की वजह से भारत को नुकसान उठाना पड़ रहा है और इसी नुकसान की भरपाई को पूरा करने के लिए भारत ने ये प्रतिक्रिया दी है।   

अमेरिका और भारत इस मुद्दे को सुलझाने की कई बार कोशिश कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निकला है। कुछ ही दिनों पहले अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो भारत यात्रा पर आए थे, उस दौरान भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी। साथ ही जब जी-20 सम्मेलन के बैनर तले ट्रंप और पीएम नरेंद्र मोदी मिले उस दौरान भी इस मसले को सुलझाने की कोशिश की गई, लेकिन कोई नतीजा नहीं आया है।

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