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वेंगसरकर का खुलासा : विराट कोहली को मौका देने की वजह से गई थी नौकरी

BhaskarHindi.com | Last Modified - March 08th, 2018 20:30 IST

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। टीम इंडिया के पूर्व प्रमुख चयनकर्ता दिलीप वेंगसरकर ने कप्तान विराट कोहली को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया है, 2008 में कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और कोच गैरी कर्स्टन, कोहली को भारतीय टीम में शामिल करने के पक्ष में नहीं थे। तमिलनाडु के एक खिलाड़ी के स्थान पर कोहली को तरजीह देने के कारण उन्हें अपने चीफ सेलेक्टर पद से हाथ धोना पड़ गया था। हालांकि विराट कोहली ने बतौर कप्तान भारत को अंडर-19 वर्ल्ड कप जिताया था और अपने प्रदर्शन और काबिलियत के बदौलत टीम में अपनी जगह पक्की की थी।

धोनी-कर्स्टन नहीं चाहते थे कोहली का चयन 
बुधवार को मुंबई में आयोजित एक समारोह के दौरान बोलते हुए वेंगसरकर ने इस बात का खुलासा किया। उन्होंने बताया, '2008 में अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेता टीम के कप्तान कोहली को वो श्रीलंका दौरे के लिए शामिल करना चाहते थे।' श्रीलंका दौरे के लिए टेस्ट और एकदिवसीय मैचों के लिए टीम का चयन किया जाना था। वे चयन समिति की बैठक के दौरान विराट का चयन करने के लिए काफी उत्सुक थे लेकिन तत्कालीन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और कोच गैरी कर्स्टन उनके चयन के पक्ष में नहीं थे।

बद्रीनाथ को शामिल करना चाहते थे टीम में 
वेंगसरकर के अनुसार, उस समय भारतीय टीम में कोहली को शामिल करने का सही समय था एवं अन्य चार चयनकर्ता भी उनके इस फैसले पर सहमत हो गए थे , लेकिन धोनी और कर्स्टन ही अनिच्छुक नजर आ रहे थे, क्योंकि उन्होंने कोहली के खेल को अधिक नहीं देखा था। उन्होंने बताया, 'मुझे पता था वो लोग टीम में एस बद्रीनाथ को रखना चाहते थे क्योंकि वह चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से खेलता था। अगर टीम में कोहली को रखा जाता तो बद्रीनाथ को टीम से बाहर रखना पड़ जाता। उस समय श्रीनिवासन BCCI के कोषाध्यक्ष थे। वह इस बात से परेशान थे कि बद्रीनाथ को हटा दिया गया क्योंकि वह उनका खिलाड़ी था।'

श्रीनिवासन भी थे बद्रीनाथ के पक्ष में
वेंगसरकर के अनुसार, श्रीनिवासन के द्वारा यह पूछे जाने पर कि बद्रीनाथ को टीम में शामिल क्यों नहीं किया जा रहा है? उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में कोहली को बल्लेबाजी करते हुए देखने का तर्क दिया था। उन्होंने कहा था कि, 'मैंने कोहली को ऑस्ट्रेलिया में बल्लेबाजी करते देखा है और वह बहुत शानदार बल्लेबाज हैं। इसी वजह से उसे टीम में लिया गया है।' इस पर श्रीनिवासन का कहना था कि बद्रीनाथ ने तमिलनाडु की तरफ से खेलते हुए 800 से अधिक रन बनाए हैं। उसकी उम्र 29 वर्ष हो गई है, उसे यदि अब मौका नहीं दिया जाएगा तो कब दिया जाएगा। जिस वेंगसरकर ने बद्रीनाथ को बाद में मौका दिए जाने की बात कही थी। वेंगसरकर ने बताया कि, 'अगले दिन श्रीनिवासन श्रीकांत को लेकर तब के BCCI अध्यक्ष शरद पवार के पास गए और तभी मेरा कार्यकाल समाप्त हो गया।'

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