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वीएचए की टीम राजस्थान के हॉकी टूर्नामेंट में लेगी हिस्सा , कोर्ट से मिली राहत

वीएचए की टीम राजस्थान के हॉकी टूर्नामेंट में लेगी हिस्सा , कोर्ट से मिली राहत

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ से विदर्भ हॉकी एसोसिएशन (वीएचए) को राहत मिली है। दरअसल, वीएचए की कार्यकारिणी को लेकर अंदरूनी विवाद चल रहा है। हॉकी इंडिया ने उनकी सदस्यता रद्द कर दी है। विवाद हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इस बीच वीएचए की टीम राजस्थान के सीकर में 15 से 25 मई के बीच आयोजित ‘9वीं ऑल इंडिया सब जूनियर वुमन हॉकी नेशनल चैम्पियनशिप ‘बी’ डिविजन’ में हिस्सा लेने पहुंची, तो टीम को हिस्सा नहीं लेने दिया गया। वीएचए ने नागपुर खंडपीठ में इस मुद्दे को उठाया, जिसके बाद हाईकोर्ट ने वीएचए की टीम को प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की अनुमति दी है। कोर्ट के आदेश के बाद वीएचए ने एक पत्रक जारी कर इसे खिलाड़ियों के लिए राहत भरा कदम बताया है। 

यह है मामला
बता दें कि, एसोसिएशन के अंदरुनी विवादों के चलते हॉकी इंडिया ने उनकी सदस्यता रद्द कर आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए अपात्र करार दिया गया था। जनवरी 2019 में वीएचए अध्यक्ष बी.सी.भरतीया व सचिव विनोद गवई ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इस याचिका में केंद्रीय युवा व खेल मंत्रालय, इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन और हॉकी इंडिया के पदाधिकारियों को पदाधिकारी बनाया गया है। दरअसल वीएचए की कार्यकारिणी में बीते कुछ समय से आंतरिक विवाद चल रहे हैं। इसकी शिकायत हॉकी इंडिया से करने पर कार्यकारी संचालक ने 7 जनवरी 2019 को आदेश जारी कर वीएचए की सदस्यता रद्द कर दी थी। याचिकाकर्ता के अनुसार उन्होंने इस मामले में हॉकी इंडिया को स्पष्टीकरण भी दिया था, लेकिन फिर भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली। ऐसे में वीएचए ने हाईकोर्ट की शरण ली थी।  मामले में याचिकाकर्ता की ओर से एड.रोहित शर्मा ने पक्ष रखा। 

50 डिग्री की गर्मी में 2000 किलोमीटर की दूरी तय की
राजस्थान के थार रेगिस्तान में आयोजित डेजर्ट स्ट्रॉम रैली में शानदार प्रदर्शन करते हुए नागपुर के जतिन जैन ने दूसरा स्थान हासिल किया। चार दिन की इस रैली में बाइकर्स को 50 डिग्री की गर्मी में 2000 किलोमीटर की दूरी तय करनी थी। उक्त स्पर्धा में देशभर से 40 प्रतिभावान बाइकर्स ने हिस्सा लिया, जिसमें से 16 ही रैली की निर्धारित दूरी तय कर पाएं। नाॅर्दन मोटरस्पोर्ट्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित रैली बिकानेर से आरंभ होकर जैसलमेर में जाकर समाप्त हुई।

रैली के दौरान जैसलमेर में 190 किलोमीटर का मैराथन स्टेज प्रतिस्पर्धियों के लिए काफी मुश्किलों भरा रहा, जहां भीषण गर्मी में मोटरसाइकिल को चलाने किसी युद्ध से कम नहीं था। इंसान और मशीन की क्षमता की कड़ी परीक्षा रैली के दौरान इस स्टेज में हुई, क्योंकि ग्रुप ए के बाइकर्स को यहां 190 किलोमीटर सफर बिना रुके तय करना था। हालांकि अन्य ग्रुप के बाइकर्स को 15 मिनट का ब्रेक दिया गया था। मैराथन स्टेज के पहले तक जतिन शीर्ष पर चल रहा था, लेकिन इस स्टेज में उनके प्रतिद्वंद्वी राइडर ने नेविगेशन सिस्टम से संपर्क खो दिया। जतिन उनकी परवाह छोड़ आगे बढ़ खिताब जीत सकते थे, लेकिन उन्होंने खेल भावना का परिचय दिया और प्रतिद्वंद्वी राइडर की मदद की, जिसके कारण उन्हें दूसरे स्थान पर आना पड़ा। 

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