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सड़क की मांग कर रहे ग्रामीण और स्कूली बच्चों ने केंद्रीय राज्य मंत्री का रोका रास्ता

BhaskarHindi.com | Last Modified - September 14th, 2018 01:10 IST

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सड़क की मांग कर रहे ग्रामीण और स्कूली बच्चों ने केंद्रीय राज्य मंत्री का रोका रास्ता

डिजिटल डेस्क, टीकमगढ़। पक्की सड़क निर्माण की गुहार लेकर गुरुवार को गुदनवारा गांव के लोगों ने बच्चों के साथ केंद्रीय राज्य मंत्री व सांसद डॉ. वीरेंद्र कुमार का रास्ता रोक लिया। वे कार्यक्रम से अपने वाहन की ओर वापस लौट रहे थे। इस दौरान बच्चों और ग्रामीणों ने राज्य मंत्री से कहा कि गरीब बस्ती में आज तक सीसी सड़क नहीं डाली गई है। बारिश के मौसम में कीचड़ भरी सड़क से बच्चों का स्कूल तक पहुंचना मुश्किल है। कई बार कीचड़ में गिरकर बच्चों की ड्रेस और स्कूल बैग खराब हो जाते हैं। वीरेंद्र कुमार ने उनकी बात सुनी और ज्ञापन लेकर निकल गए।

गुदरवारा गांव के मोहन अहिरवार ने बताया कि 29 मई 2017 को इस संबंध में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन समस्या हल नहीं हुई। इसके बाद जन आशीर्वाद यात्रा लेकर आए मुख्यमंत्री से भी समस्या के बारे में शिकायत दर्ज कराई थी। कई बार जनसुनवाई में आवेदन दे चुके हैं, लेकिन सीसी सड़क का निर्माण नहीं हो सका। अमना अहिरवार ने बताया कि बस्ती से स्कूल तक करीब 400 मीटर सड़क इस कदर खराब है कि पैदल निकलना भी मुश्किल है। जब भी बच्चे स्कूल जाते हैं तो कई बार कीचड़ में गिरकर उनकी ड्रेस और स्कूल बैग खराब हो जाता है।

पंचायत सरपंच और सचिव से भी कई बार सीसी सड़क निर्माण कराने की मांग की है। बावजूद इसके समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। गुरुवार को बच्चों के साथ टीकमगढ़ आए ग्रामीणों ने केंद्रीय राज्य मंत्री व सांसद डॉ. वीरेंद्र कुमार को सड़क के फोटोग्राफ और अधिकारियों को दिए गए ज्ञापनों की कॉपी सौंपी। इस मौके पर छक्की लाल अहिरवार, फुंदी अहिरवार, जानकी अहिरवार सहित ग्रामीण और बड़ी संख्या में आए बच्चे मौजूद रहे।

बच्चों ने सुनाई दर्द भरी दास्तां
केंद्रीय राज्य मंत्री से शिकायत करने आए गुदनवारा गरीब बस्ती के बच्चों ने बताया कि इन दिनों घर से स्कूल तक पहुंचना मुसीबत भरा हो गया है। स्कूल के लिए घर से तैयार होकर निकलते हैं, लेकिन रास्ते में पूरे कपड़े और स्कूल बैग खराब हो जाता है। जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों से शिकायत करा चुके गांव के लोग अब थक चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी व्यवस्था से तंग आ गए हैं। हमारी समस्या सुनने को कोई तैयार नहीं है। गुरुवार को केंद्रीय राज्य मंत्री ने भी थोड़ी देर रुक कर उनकी बात सुनी। समस्या हल करने का आश्वासन देकर चले गए।

भूखे ही लौट गए अपने गांव
गुदनवारा गांव के बच्चे केंद्रीय राज्य मंत्री से मिलने सुबह अपने गांव से निकले थे। उन्होंने बताया कि घर से भूखे पेट चले आए। यहां उनके बंगले पर पहुंचे तो पता चला कि वे पोषण आहार कार्यक्रम में गए हैं। ग्रामीण और बच्चे कार्यक्रम स्थल पर ही पहुंच गए। वे करीब दो घंटे तक कार्यक्रम समाप्त होने का इंतजार करते रहे। इसके बाद जब सांसद कार्यक्रम स्थल से निकले तो ग्रामीणों ने अपनी समस्या बताई। इसके बाद पोषण आहार कार्यक्रम में बांटे जा रहे भोजन स्थल पर पहुंचे तो अधिकारियों ने उन्हें लौटा दिया। इसके बाद खाली पेट बच्चे और ग्रामीण अपने घर लौट गए।

पात्रों को नहीं मिले आवास
सड़क निर्माण के अलावा गरीब बस्ती के लोगों ने पीएम आवास योजना में भ्रष्टाचार के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई। मोहन अहिरवार ने बताया कि गांव के 100 से ज्यादा पात्र हितग्राहियों के नाम पीएम आवास सूची में शामिल नहीं किए गए हैं। इस मामले में जब पंचायत सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक से शिकायत की तो उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने कहा कि गांव के अपात्र लोगों को योजना का लाभ दिया जा रहा है। इस बारे में जब सचिव से प्रधानमंत्री एप के माध्यम से आवेदन करने की बात कही तो उन्होंने कोई सुनवाई नहीं की। 

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