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टलेंगे शुभ मुहूर्त, 15 दिसंबर को अस्त हो रहा है शुक्र ग्रह

BhaskarHindi.com | Last Modified - December 09th, 2017 22:20 IST

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अगहन के बाद पौष कृष्ण प्रतिपदा से पौष मास का प्रारंभ हुआ। इस माह में गिने-चुने की विवाह मुहूर्त हैं। 15 दिसंबर से 2017 से शुक्र तारा अस्त होने जा रहा है जिसके बाद 16 दिसंबर 2017 से खरमास प्रारंभ होगा। खरमास में यज्ञ, हवन, पूजन अनुष्ठान आदि तो किए जाते हैं, लेकिन विवाह मंगल कार्य आदि करना वर्जित है। 

शुभ मुहूर्तों में इन दोनों ही ग्रहों का महत्व 

पौष माह में शुक्र के अस्त होने से शुभ कार्यों पर फिर प्रतिबंध लग जाएगा। शुक्र एवं गुरू अस्त होने से विवाह मुहूर्त नही बनते। शुभ मुहूर्तों में इन दोनों ही ग्रहों का बहुत महत्व है। गुरू के अस्त होने के कारण ही इस वर्ष देवउठनी में विवाह मुहूर्त प्रारंभ नही हो सके थे। 

रह सकता है दांपत्य सुख से वंचित

विवाह की बेला में शुक्र का उदित होना अति आवश्यक माना गया है। इस ग्रह को नैसर्गिक भोग-विलास और दांपत्य का कारक माना गया है। शास्त्रों के अनुसार शुक्र के अस्त होने पर विवाह का निषेध बताया गया है। ऐसी मान्यता है कि यदि इन ग्रहों के अस्त होने पर विवाह किया जाए तो व्यक्ति दांपत्य सुख से वंचित रह सकता है। उसे जीवन में अनेक कष्टों का सामना करना पड़ता है।  

जनेऊ संस्कार, मुंडन संस्कार, नव गृह प्रवेश भी वर्जित

खरमास की इस अवधि में जनेऊ संस्कार, मुंडन संस्कार, नव गृह प्रवेश, विवाह आदि नहीं करना चाहिए। इसे शुभ नही माना गया है। ज्याेतिष शास्त्र  में एेसा भी बताया गया है कि यदि इस माह में दांपत्य जीवन  का प्रारंभ किया जाए तो विवाह विच्छेद की संभावनाएं अधिक रहती हैं वर्ष 2018 में 15 जनवरी को मकर संक्रांति पर विवाह मुहूर्त प्रारंभ होंगे, जो मार्च में होलाष्टक प्रारंभ होने तक रहेंगे।

 

विवाह मुहूर्त व तिथि 

फरवरी 2018- 1, 4, 6, 24 एवं 28
मार्च 2018- 1, 5, 6, 8, 10 एवं 12
अप्रैल 2018- 18, 19, 20, 24, 25, 27, 28, 29 एवं 30
मई 2018- 1, 4, 5, 6, 11 एवं 12
जून 2018- 18, 21, 23, 25, 27 एवं 28
जुलाई 2018- 5, 10 एवं 11

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