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व्यापमं : चिरायु हॉस्पिटल के डॉ. गोयनका का सरेंडर, 14 दिन के लिए गए जेल

January 31st, 2018 21:37 IST

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्यप्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) फर्जीवाड़े में भोपाल के चिरायु हॉस्पिटल एवं मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. अजय गोयनका ने सरेंडर कर दिया है। गोयनका ने हाई कोर्ट के समक्ष बुधवार को सरेंडर किया है। यहां से उन्हें सीधे 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया गया है। उनके साथ पूर्व मेडिको लीगल इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. डी. के. सत्पथी ने भी बुधवार को हाई कोर्ट में सरेंडर किया है। डॉ. सत्पथी को भी इतने ही दिनों के लिए जेल भेज दिया गया है।

बता दें कि डॉ. गोयनका और डॉ. सत्पथी ने हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की थी, जिसे हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इससे पहले भोपाल सीबीआई कोर्ट ने भी इनकी अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद भारी दबाव के चलते गोयनका और सत्पथी को सरेंडर करना पड़ा।

गोयनका पर आरोप
CBI ने अपनी चार्जशीट में डॉक्टर अजय गोयनका पर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने मेडिकल सीट बेचकर करोड़ों रुपए का कालाधन कमाया है। सीबीआई के मुताबिक, गोयनका ने मेडिकल कॉलेज की 1-1 सीट को 60 लाख से लेकर 1.5 करोड़ रुपए तक में बेचा था। टेस्ट में पास कराने के लिए छात्रों को नकल भी कराई गई थी।

592 आरोपियों के खिलाफ पेश किया गया था चालान
सीबीआई ने पिछले साल नवंबर में व्यापमं घोटाले में 592 लोगों के खिलाफ स्पेशल कोर्ट में चालान पेश किया था। इसमें व्यापमं के पूर्व अधिकारी सहित कई प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों के चेयरमैन शामिल थे। इस मामले में आरोपी एसएन विजयवर्गीय, कैप्टन अम्बरीश, एस.एन श्रीवास्तव, डॉ. अजय गोयनका और डीके सत्पथी ने चालान पेश होने के ठीक बाद ही सीबीआई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी, जिस पर रात पौने तीन बजे तक सुनवाई चली थी। हालांकि इस सुनवाई में इन रसूखदारों को कोई राहत नहीं मिली थी। सभी की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई थी।
 

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Ramsingh Chouhan September 29th, 2018 22:44 IST

ब्यापम कांड मध्य प्रदेश का ऐसा कलंक है जिसके कारण शिक्षा और चिकित्सा जैसे संबेदनशील सेबा ब्यबसाय को कलंकित और गैर भरोसेमंद बना दिया है,आज ब्यापम के जरिए चयनित कनिष्ठ चिकित्सक जो बिभिन्न सरकारी और निजी अस्पतालों में कार्यरत हैं संदिग्ध बनें हुए हैं,पता नहीं कितना पैसा खर्च कर डा.बनने के लिए डिग्री खरीद की है। ब्यापम कांड में जिन मेडिकल कॉलेज और अस्पताल से जुड़े पदाधिकारियों को आरोपी बनाया गया है भले ही उन्हें जमानत का लाभ मिल गया है उन्हें अस्पताल में प्रेक्टिस से रोका जाना चाहिए।