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नागपुर की इस बस्ती में पानी तो है लेकिन पीने लायक नहीं....

नागपुर की इस बस्ती में पानी तो है लेकिन पीने लायक नहीं....

डिजिटल डेस्क, नागपुर। शहर में जल समस्या इन दिनों मुंह बाहे खड़ी है। लोग पानी के लिए यहां से वहां भटक रहे हैं। शहर में ऐसे भी कुछ क्षेत्र हैं, जहां पानी तो है, लेकिन पीने योग्य नहीं। लोग इस पानी से बाकी की जरूरतों को पूरा जरूर कर रहे हैं, लेकिन इस पानी के नमूनों की जांच जरूरी है। टिमकी. प्रभाग के अंसार नगर, सैफी नगर, बोरियापुरा, ईदगाह, डोबी नगर, गार्ड लाइन, टिमकी, पनईपेठ, दादरा पुल रंभाजी मार्ग, खड़काड़ी मुहल्ला आदि क्षेत्रों में लगभग 10 से 12 सार्वजनिक कुएं हैं। इनकी देखरेख प्रशासन द्वारा की जाती है। इनमें से कुछ कुओं में भरपूर पानी है, जो कहीं इस्तेमाल हो रहा है और कहीं नहीं। अंसार नगर, खड़काड़ी मोहल्ला के बड़े कुएं, दादरा पुल का टोपरे का बड़ा कुआं और भानखेड़ा में बुद्धविहार के पीछे बने बड़े कुएं से क्षेत्र में पानी सप्लाई होता है।

लोग कहते हैं कि इन कुओं के पानी की जांच कई सालों से नहीं हुई है। इसलिए वे यह पानी नहीं पीते हैं। टिमकी तीन खंभा चौक स्थित शारदा मंदिर के पास और कब्रस्तान रोड स्थित कुएं बंद हैं। इनके पानी की प्रशासन जांच करवाए। इन कुओं की सफाई करवाने की मांग निगमायुक्त से की गई थी, पर कोई फायदा नहीं हुआ।  बताया जाता है कि अंसार नगर में बशीर गैराज के समीप बड़ा कुआं है, जो प्रदूषित है। यहां के लोग कुएं का पानी पीकर खतरा मोल नहीं लेना चाहते हैं। मजबूरन कुएं का पानी पीने वाले लोग पीलिया, गेस्ट्रो जैसी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। टोपरे का कुआं भी इसी हालत में है। 

मोटर-पंप शुरू करने की झंझट
 क्षेत्र के प्रकाश टोपरे, रोहित टोपरे समेत अन्य नागरिकों ने बताया कि वे कुएं की देखभाल बरसों से कर रहे हैं। मोटर पंप लगी होने के बाद भी प्रशासन का कोई व्यक्ति मोटर बंद-चालू करने नहीं आता है। यह ड्यूटी पंपमैन की है।   

वर्षों पुरानी मांग लंबित
 क्षेत्रवासियों का कहना है कि गत 15 वर्षों से कुएं पर जाली लगवाने की मांग वे कर रहे हैं, ताकि पानी गंदा होने से बचाया जा सके, लेकिन प्रशासन सुनने को तैयार नहीं। इस कुएं का पानी क्षेत्रवासी पीते हैं। पूर्व पार्षद पुणेकर के कार्यकाल में मांग की गई थी, जो आज भी लंबित है। 

प्रभाग में पानी की कमी नहीं होने देते
यहां के कुएं जीवित हैं। पानी की किल्लत इतनी नहीं है। प्रशासन गंभीरता से इस मुद्दे को ले तो भीषण गर्मी में थोड़ी-बहुत बाकी पानी की समस्या भी हल हो जाएगी।  - जुल्फेकार अहमद भुट्टो, नगरसेवक, प्रभाग 8, मनपा, नागपुर   
 

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