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वाट्सएप ग्रुप का कमाल, जनजागरण का बना माध्यम, दूर हो रही गलतफहमियां

BhaskarHindi.com | Last Modified - February 11th, 2019 14:49 IST

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वाट्सएप ग्रुप का कमाल, जनजागरण का बना माध्यम, दूर हो रही गलतफहमियां

डिजिटल डेस्क, खामगांव(बुलढाणा)।  सोशल मीडिया समस्याओं से निपटने में भी कारगर हो सकता है। यह साबित किया खामगांव के एक वाट्सएप ग्रुप ने। वैसे तो महाराष्ट्र में सोशल मीडिया के जरिए फैलने वाली अफवाहों से मॉब लिंचिंग की घटनाएं आम होती जा रही हैं।  लेकिन बुलढाणा जिले के अटाली गांव में सोशल मीडिया के जरिए ही इस समस्या से निपटने का तरीका ईजाद किया गया है, जो पूरे देश के लिए नजीर बन सकता है। खामगांव तहसील के 5 हजार की आबादी वाले इस गांव में भी कभी अजनबियों को घेरने की कोशिश हुई थी। जिसके मद्देनजर यहां जमजम नामक वाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। इस ग्रुप में गांव के हर परिवार के एक सदस्य को शामिल किया गया है। इसके जरिए ग्रामीणों को गांव में आने वाले अजनबियों को लेकर चल रही बातों की सच्चाई का समय रहते पता चल जाता है। जिससे गलतफहमियां दूर हो जाती हैं और ग्रामीण अजनबियों से बदसलूकी नहीं करते हैं। ग्रुप में आने वाली अफवाहों को हटाने की जिम्मेदारी एडमिन को दी गई है। पहल की शुरुआत गांव के पुलिस पटेल शकील देशमुख ने की है। वे ही इस ग्रुप के एडमिन हैं। इस पहल के अनुकरण की शुरुआत अब अटाली के पास बसे कई गांवों में होने लगी है।

विवादों में कमी
अटाली में यह वाट्सएप ग्रुप बना हैं, तब से यहां विवादों में कमी आ गई है। अजनबियों को लेकर किसी तरह की गलतफहमी पैदा नहीं होती। बाहरी लोगों की जानकारी पहले से होने के कारण उनसे अच्छा व्यवहार किया जाता है। 
-रफीक शेख, थाना प्रभारी, खामगांव ग्रामीण 
 
सुलझ जाते हैं छोटे विवाद
वाट्सएप ग्रुप शुरू होने से हमारे यहां अजनबियों के साथ दुर्व्यव्हार की कोई घटना नहीं हुई है, जबकि इसके पहले अफवाहों व संदेह के कारण कुछ अजनबियों से दुर्व्यवहार के मामले सामने आए थे। ग्रुप से ग्रामीणों के छोटे-मोटे विवाद भी आपसी स्तर पर ही सुलझा लिए जाते हैं। 
-डॉ. दिलीप ओंकार काटोले, सरपंच, अटाली 
 
अन्य गांवों ने भी शुरू की मुहिम
अटाली गांव में शुरू हुई पहल का अनुकरण पड़ोस के अन्य गांवों में होने लगा है। रामनगर व टेंभुर्णी गांव की ग्राम पंचायतों में विजिटर्स बुक रखी जाने लगी है। रामननगर की सरपंच दुर्गाताई महाले ने बताया कि रामनगर ग्राम पंचायत में भी विजिटर्स बुक बनाई गई है। इसमें बाहर से आने वाले लोगों का नाम, व्यवसाय, गांव में आने का उनका उद्देश्य, पता तथा मोबाइल क्रमांक आदि दर्ज किया जाता है। हालांकि अभी वाट्सएप ग्रुप नहीं बनाया गया है। 
 
विजिटर्स बुक बनाया
इस पहल के लिए अटाली ग्राम पंचायत में विजिटर्स बुक की व्यवस्था की गई है। जिसमें गांव में आने वाले नए लोगों का नाम, पता दर्ज किया जाता है। फिर चाहे वे फेरीवाले हों या बहुरुपिए या लोगों के घर आने वाले मेहमान। सभी की जानकारी वाट्सएप के जरिए ग्रामीणों को भेज दी जाती है। जिससे ग्रामीणों में नए व्यक्ति के प्रति संदेह निर्माण की स्थिति खत्म हो जाती है। 

अफवाहों के चलते हुई कई बड़ी घटनाएं
-1 जुलाई 2018 : बच्चा चुराने के संदेह में धुलिया जिले के राइनपाड़ा में भीड़ ने खानाबदोश गोसावी समाज के पांच लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। 
- 8 जून, 2018: औरंगाबाद जिले की वैजापुर तहसील के चांद गांव में फासे पारधी जनजातीय समूह केे 8 लोगों पर  ग्रामीणों की भीड़ ने चोर होने के शक में हमला बोल दिया था। इसमें से दो की मौत हो गई थी। 
- वर्ष 2011: बुलढाणा जिले के ही विशेष क्षेत्र से नागपुर पहुंचे तीन बहुरुपियों की स्थानीय भीड़ ने चोर होने के शक में पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।
- 11 जून 2018: गोंदिया की गोरेगांव तहसील में भीड़ ने किडनी चोर होने के शक में मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति को मारा डाला था।

सामाजिक एकता बनाए रखने का प्रयास
पुलिस पटेल होने के नाते गांव की सुरक्षा का दायित्व मेरा भी है। इसलिए मैंने वाट्सएप ग्रुप बनाकर गांव में सामाजिक एकता बनाए रखने का प्रयास किया है। इस पहल को ग्रामवासियों के सहयोग से अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। 
-शकील देशमुख, पुलिस पटेल, अटाली व ग्रुप एडमिन

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