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जानिए क्यों SBI की पूर्व चीफ अरुंधति भट्टाचार्य को जमीन पर सो कर गुजारनी पड़ी रात?

BhaskarHindi.com | Last Modified - December 15th, 2017 15:02 IST

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डिजिटल डेस्क,नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े बैंकों में से एक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की पूर्व चीफ अरुंधति भट्टाचार्य की एक तस्वीर इन दिनों खूब वायरल हो रही हैं। इस तस्वीर में अरुंधति जमीन पर तकिया लागाए सो रही हैं। फोटो में आप देख सकते हैं कि उनके बगल में मोबाइल, चश्मा और पानी की बोतल रखी हुई है। अरुंधति भट्टाचार्य की ये फोटो ट्विटर पर एक यूजर ने ट्वीट की है, जिसके बाद ये वायरल हो रही है। आप इस तस्वीर को देख कर ये मत समझ लीजिएगा कि पद से हटते है SBI पूर्व चीफ के इतने बुरे दिन आ गए है कि वो जमीन पर सोने के लिए मजबूर हैं। इस फोटो का पूरा सच हम आपको बताते हैं। 

                                  

दरअसल अरुंधति भट्टाचार्य ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट संख्या BA 198 से मुंबई से लंदन की यात्रा कर रही थीं। रास्ते में उनकी फ्लाइट में कुछ तकनीकी खराबी आ गई और प्लेन में सफर कर रहे यात्रियों को अजरबैजान के बाकू एयरपोर्ट पर ही उतरना पड़ा। एक अंग्रेजी अखबार से बात करते हुए अरुंधति ने कहा, हमारा प्लेन लोकल टाइम के हिसाब से 9 बजे रात को लैंड हुआ और हम पूरी रात एयरपोर्ट के लाउंज में लगे एयरपोर्ट पर सोए। फ्लाइट की तकनीकी गड़बड़ी को ठीक करने में पूरे 19 घंटे लग गए और उसमें सवार सभी यात्रिओं को एयरपोर्ट लाउंज पर 19 घंटे तक बैठना पड़ा। 19 घंटा एक लंबा समय था इसलिए ज्यादातर यात्री एयरपोर्ट के लाउंज एरिया में लगे कारपेट पर सो गए। इनमें से अरुंधति भट्टाचार्य भी थीं।

7 साल तक SBI चीफ रहीं अरुंधति

                             

गौरतलब है कि अरुंधति भट्टाचार्य देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक की 7 साल तक चीफ रह चुकी हैं। इस पोस्ट पर पहुंचने वाली वो पहली महिला थीं। इसके अलावा वो भारत की इकलौती ऐसी महिला हैं जिनका नाम फार्च्यून की लिस्ट में शामिल हो चुका है। अरुंधति के पिता स्व. प्रद्युत कुमार मुखर्जी शुरुआती दौर में भिलाई स्टील में काम करते थे। बोकारो स्टील प्लांट की स्थापना के दौरान ही 1965-66 में स्व. मुखर्जी का स्थानांतरण बोकारो हो गया। भिलाई में 5th स्टैंडर्ड तक पढ़ने के बाद करने के बाद उन्होंने सिक्स्थ तक से 11th तक की पढ़ाई संत जेवियर्स स्कूल, बोकारो में हुई। 

इसके बाद अरुंधति ने कोलकाता के लेडी ब्रोबॉन कालेज से अंग्रेजी में स्नातक और जाधवपुर विश्वविद्यालय से एमए की पढ़ाई की। 1977 में पढ़ाई के दौरान ही अरुंधति ने बैंक पीओ (प्रोबेशनरी ऑफिसर) की परीक्षा दी और पास कर गई। इनकी पहली पोस्टिंग कोलकाता के अलीपुर SBI ब्रांच में हुई थी। बाद में वो SBI में ही प्रबंध निदेशक और मुख्य वित्तीय अधिकारी के रूप में सेवा देते हुए अध्यक्ष पद पर कार्यरत हुईं।

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