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पाक सीजफायर वॉयलेशन में शहीद BSF कॉन्सटेबल को दी गई श्रद्धांजलि

February 22nd, 2018 20:24 IST

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के तंगधार में 20 फरवरी को पाकिस्तान की तरफ से की गई फायरिंग में बीएसएफ के जवान सुनीव मुर्मू शहीद हो गए। गुरुवार को श्रीनगर के हुमहुमा में शहीद जवान को अंतिम विदाई दी गई। शहीद जवान को श्रद्धांजलि देते हुए सेना के अधिकारियों ने पुष्प अर्पित किए। इस दौरान सेना के अधिकारी और साथी जवान मोजूद रहे।



स्नाइपर शॉट में गई थी जान
बता दें कि जम्मू-कश्मीर के तंगधार में नियंत्रण रेखा के पार से पाकिस्तान की ओर से मंगलवार को गोलीबारी की गई थी। अधिकारियों के मुताबिक संघर्षविराम की घटना में कॉन्स्टेबल सुनील मुर्मू (28) गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मुर्मु तंगधार पोस्ट पर फॉर्वर्ड डिफेन्स लोकेशन (FDL) में तैनात थे। श्रीनगर के आर्मी अस्पताल में मंगलवार को रात करीब साढ़े आठ बजे उनकी मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि मुर्मू को इलाके में नियंत्रण रेखा पर निशाना बनाकर स्नाइपर शॉट किया गया। गोली जवान के पेट में लगी। खबरों के मुताबिक पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने उन्हें गोली मारी थी। बिहार के जमुई जिले के रहने वाले मुर्मू 2013 में बीएसएफ में शामिल हुए थे।



दो छोटे बच्चों को पीछे छोड़ गए सुनील
शहीद जवान सुनील मुर्मू के दो छोटे बच्चे है। सुनील का एक पुत्र आनंद राज है, जो पांच वर्ष का है वहीं दूसरा आदित्य राज तीन साल का है। इनके अलावा सुनील की तीन बहनें है, जिसमें एक की शादी हो चुकी है और दो अभी कुंवारी हैं। सुनील की पत्नी बीए की पढ़ाई कर रही है और घर के कामकाज में अपनी सास रानी हांसदा का हाथ बटाती है। बताया जाता है कि सुनील घर का इकलौता कमाऊ पुत्र था। सुनील का छोटा भाई संदीप अभी बीए की पढ़ाई कर रहा है। सुनील की मौत ने पूरे घर को बेसहारा कर दिया है।



2013 में हुई थी शादी
सुनील मुर्मू बीएसएफ ज्वाइन करने से पहले टोला सेवक की नौकरी करते थे। प्राथमिक विद्यालय नेंगडीटांड में तीन वर्षों तक उन्होंने टोला सेवक के रूप में काम किया। रोजगार की तलाश और प्रतियोगिता की तैयारी करने के दौरान ही सुनील की शादी हो गई। 2012 में नवादा जिला के कौआकोल थाना क्षेत्र अंतर्गत गायघाट में दुलिया हेम्ब्रम के साथ उनकी शादी हुई थी। 2013 में सुनील बीएसएफ में ज्वाइन किया और फिर देश के लिए सीमा पर लड़ाई शुरू कर दी।

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