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संतान की आस लिए नागपुर आए दंपति का किया गलत उपचार, क्लीनिक पर 3 लाख जुर्माना

BhaskarHindi.com | Last Modified - February 12th, 2019 15:44 IST

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संतान की आस लिए नागपुर आए दंपति का किया गलत उपचार, क्लीनिक पर 3 लाख जुर्माना

डिजिटल डेस्क, नागपुर। संतान की आस लिए नागपुर आए एक दंपति को आईवीएफ उपचार के नाम पर भुलावा देने के मामले में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर ने शहर के कांग्रेस नगर स्थित मेडिकल लैब पर तीन लाख दस हजार का जुर्माना ठोका है। जुर्माने की रकम में उपचार का खर्च और मानसिक परेशानी के लिए दस हजार की रकम शामिल है। शेखर मुले, अविनाश प्राभुने और दीप्ति बोबड़ की बेंच ने पाया कि मामले में शिकायतकर्ता की पत्नी पर बिना जरूरत के आईवीएफ प्रक्रिया की गई। फैसले में कहा गया है कि शिकायतकर्ता को वित्तीय हानि के साथ-साथ मानसिक यंत्रणा भी सहनी पड़ी है। क्लीनिक के चिकित्सकों का व्यवहार चिकित्सा आचार नीति के खिलाफ है। जजों ने वंशधारा क्लीनिक एंड कॉनसेप्शन सेंटर के प्रबंध निदेशक डॉ. नटचंद्र चिमोटे को एक माह में कोर्ट के आदेश का पालन करने का निर्देश दिया। भुगतान में विलंब होने पर उन्हें कुल रकम  9 फीसदी ब्याज के साथ देनी पड़ेगी। 

क्या है मामला
वर्ष 2010 के अगस्त माह में हिंगनघाट के दंपति ने विवाह के एक वर्ष बाद भी संतान नहीं होने पर वंशधारा क्लीनिक से संपर्क किया था। उन्हें बताया गया था कि पत्नी को हार्माेन चिकित्सा की जरूरत है और उसे लैप्रोस्कोपी टेस्ट करवाने को कहा गया था, जिसकी फीस दस हजार पांच सौ रुपए थी। वंशधारा क्लीनिक में लैप्रोस्कोपी टेस्ट की जगह हिस्टेरोस्कोपी टेस्ट किया गया और बताया गया कि दोनों फैलोपियन ट्यूब के क्षतिग्रस्त होने के कारण सामान्य रूप से गर्भ धारण करना मुश्किल है। उनके पास संतान के लिए टेस्ट ट्यूब प्रक्रिया की मदद लेने का विकल्प है। इसके लिए एक लाख अस्सी हजार रुपए लगने की बात बताई गई। इतनी बड़ी राशि जुटाने के लिए दंपति को लोन लेना पड़ा। इसके साथ ही हिंगनघाट से उपचार के लिए नियमित रूप से नागपुर आने जाने में होने वाली परेशानी से बचने के लिए दंपति ने नागपुर में किराए का घर ले लिया। बाद में उपचार का कोई नतीजा नहीं निकलने पर दोनों हिंगनघाट लौट गए। वहां डॉ. सीमा मनधानिया ने उन्हें लैप्रोस्कोपी टेस्ट कराने की सलाह दी। सितंबर 2012 में दंपति के यहां बेटी का जन्म हुआ। तब उन्हें समझ में आया कि नागपुर में उनका गलत उपचार किया गया था।

क्षतिपूर्ति की गुजारिश
दंपति ने वंशधारा क्लीनिक को पत्र लिखकर उपचार संबंधी कागजात लौटाने व क्षतिपूर्ति की गुजारिश की। क्लीनिक की ओर से इसका कोई जवाब नहीं आने पर उन्होंने ने उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया। 

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