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आतंकवाद के आरोप में फरार जाकिर नाइक लौटना चाहता है भारत, रखी एक शर्त

आतंकवाद के आरोप में फरार जाकिर नाइक लौटना चाहता है भारत, रखी एक शर्त

हाईलाइट

  • गिरफ्तारी से बचना चाहता है जाकिर
  • कहा, बीजेपी के आने के बाद न्याय मिलना मुश्किल
  • 193 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग का है आरोप

डिजिटल डेस्क, कुआलालंपुर। भारत से भागकर मलेशिया में छिपे आतंकवाद के आरोपी जाकिर नाइक भारत लौटना चाहता है, लेकिन वह चाहता है कि उस पर आरोप सिद्ध होने तक उसकी गिरफ्तारी न की जाए। आपको बता दें कि जाकिर नाईक 2016 में भारत से फरार होकर मलेशिया चला गया था, मलेशिया की सरकार ने नाइक को स्थायी नागरिक का दर्जा दे दिया है। 

एक मैग्जीन को दिए गए इंटरव्यू में नाइक ने कहा कि भारत की न्याय प्रणाली आज की तुलना में पहले बहतर थी, हालांकि उसने कहा कि उसे भारतीय न्यायप्रणाली में विश्वास है। नाइक ने कहा कि बीजेपी की सरकार में न्याय मिलने की उम्मीद 10 से 20 फीसदी ही रह गई है। 
 
जाकिर ने कहा कि मैं औसत लेकर चलूं तो मुझे 10 साल के लिए जेल में डाल दिया जाएगा, जिससे मेरे मिशन पर फर्क पड़ेगा, फिर मैं बेवकूफ क्यों बनूं? नाइक ने कहा कि एनआईए चाहे तो मलेशिया आकर पूछताछ कर सकती है। 

बता दें कि इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट ने मुंबई में एक विशेष अदालत में प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत शिकायत नाइक के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी। ED ने कहा था कि जाकिर पर करीब 193 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। ED जाकिर की 50.46 करोड़ की संपत्ति जब्त कर चुकी है। इस मामले में ED ने मार्च में जाकिर के एक सहयोगी नजमुद्दी साथक को मुंबई से गिरफ्तार किया था। 

जाकिर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की नजर में उस वक्त आ गया था, जब 2016 में बांग्लादेश में हुए हमले को अंजाम देने वाले आतंकी ने जाकिर को अपना प्रेरणास्त्रोत बताया था। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जाकिर के भाषणों पर कड़ी नजर रखनी शुरु कर दी थी। NIA ने कहा था कि नाइक ने जानबूझकर हिंदुओं, ईसाइयों और गैर-वहाबी मुसलमानों, विशेष रूप से शिया, सूफी और बरेलवी की धार्मिक मान्यताओं का अपमानित किया।

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