वंदे मातरम का सम्मान करते हैं, लेकिन जबरदस्ती नहीं वारिस पठान

वंदे मातरम का सम्मान करते हैं, लेकिन जबरदस्ती नहीं वारिस पठान
एआईएमआईएम के नेता वारिस पठान ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद प्रमुख मौलाना महमूद मदनी की 'जिहाद' टिप्पणी पर कहा कि मैं उचित नहीं समझता कि मौलानाओं के बयान पर मैं टिप्पणी करूं।

मुंबई, 29 नवंबर (आईएएनएस)। एआईएमआईएम के नेता वारिस पठान ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद प्रमुख मौलाना महमूद मदनी की 'जिहाद' टिप्पणी पर कहा कि मैं उचित नहीं समझता कि मौलानाओं के बयान पर मैं टिप्पणी करूं।

उन्होंने कहा कि लोग लव जिहाद की बात करते हैं। भाजपा वालों को जिहाद का मतलब क्या है? बस वे एक ही शब्द इस्तेमाल करके मुसलमानों को बदनाम करते हैं। इनके मंत्री संसद में कहते हैं लव जिहाद का कोई मामला नहीं है। महाराष्ट्र में इनके नेताओं ने लव जिहाद का दावा किया, लेकिन ऐसा एक भी मामला सामने नहीं आया। नेता और सुपरस्टार अन्य धर्म के लोगों से शादी करते हैं, तो क्या यह जिहाद है? भाजपा के पास मुद्दा नहीं है, इसलिए मुसलमानों को बदनाम करने की राजनीति कर रही है।

जय हिंद और वंदे मातरम को लेकर वारिस पठान ने कहा कि जय हिंद, 'सारे जहां से अच्छा, हिंदुस्तान हमारा,' और राष्ट्रगान हम गर्व से गाते हैं। वंदे मातरम की भी हम इज्जत करते हैं, लेकिन किसी के साथ जबरदस्ती नहीं की जा सकती है। हम सम्मान करते हैं, लेकिन जबरदस्ती नहीं की जा सकती।

एसआईआर को लेकर चल रही राजनीति और अखिलेश यादव के बयान पर वारिस पठान ने कहा कि जब एसआईआर आया, तब बिहार में हमने कहा था कि हम इसके खिलाफ नहीं हैं, लेकिन ऐसे कागजात मांगे जा रहे थे, जो देना मुश्किल है। हमारे बिहार प्रदेश अध्यक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। हम संविधान के अनुसार काम कर रहे हैं। हमने उत्तर प्रदेश में हेल्पडेस्क बनाया है, ताकि किसी को एसआईआर फॉर्म भरने में दिक्कत न हो।

उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में अगर वोटों के काटने और किसी एक पार्टी को फायदा पहुंचाने का आरोप चुनाव आयोग पर लग रहा है, तो आयोग को इस पर जवाब देना चाहिए।

वारिस पठान ने कहा कि महायुति की सरकार में कभी भाजपा नेता दावा करते हैं कि हमारे संपर्क में शिंदे गुट के नेता हैं, कभी शिंदे गुट के नेता कहते हैं कि भाजपा वाले हमारे संपर्क में हैं। यह सब खिचड़ी बन गई है। दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है। कितनी जगहों पर कांग्रेस और शिंदे गुट के नेताओं के पोस्टर लगे हुए हैं। दोनों साथ में मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। जनता को फैसला करना है कि कौन भाजपा की बी-टीम है।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   29 Nov 2025 11:12 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story