48 सप्ताह की चुनौतीपूर्ण ट्रेनिंग के बाद सशस्त्र बलों को मिले 11 नए टेस्ट पायलट
नई दिल्ली, 24 मई (आईएएनएस)। 48 सप्ताह की कठिन और चुनौतीपूर्ण ट्रेनिंग पूरी करने के बाद भारतीय सशस्त्र बलों को 11 नए टेस्ट पायलट और 6 फ्लाइट टेस्ट इंजीनियर मिले। इन अधिकारियों ने एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल में 48वें फ्लाइट टेस्ट कोर्स के अंतर्गत ग्रेजुएशन की है।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, बेंगलुरु स्थित एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल में फ्लाइट टेस्ट कोर्स का ग्रेजुएशन समारोह बेहद गौरवपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ। इस खास बैच में कुल 17 अधिकारी शामिल रहे, जिनमें भारतीय वायुसेना के 14, भारतीय सेना का 1 और भारतीय नौसेना के 2 अधिकारी शामिल हैं। अब ये अधिकारी भारतीय वायुसेना की प्रतिष्ठित एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टैब्लिशमेंट में शामिल होकर देश के लड़ाकू विमानों और अत्याधुनिक सैन्य प्रणालियों की परीक्षण जिम्मेदारी संभालेंगे।
समारोह के मुख्य अतिथि वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह रहे। उन्होंने सफल अधिकारियों को प्रमाण पत्र और प्रतिष्ठित ट्रॉफियां प्रदान कीं। खास बात यह रही कि वायुसेना प्रमुख स्वयं यहां 17वें फ्लाइट टेस्ट कोर्स के पूर्व छात्र रह चुके हैं।
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस वर्ष स्क्वाड्रन लीडर केके सिंह ने सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंड टेस्ट पायलट बनकर प्रतिष्ठित ‘सुरंजन दास ट्रॉफी’ अपने नाम की। वहीं, स्क्वाड्रन लीडर आदित्य जमदग्नि को फ्लाइट इवैल्यूएशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए ‘चीफ ऑफ एयर स्टाफ ट्रॉफी’ से सम्मानित किया गया है। फ्लाइट टेस्ट इंजीनियर श्रेणी में विंग कमांडर अभिनव कुमार को महाराजा हनुमंथ सिंह स्वॉर्ड प्रदान की गई।
विंग कमांडर प्रणव शर्मा को डनलप ट्रॉफी और स्क्वाड्रन लीडर पारस शर्मा को कपिल भार्गव ट्रॉफी प्रदान की गई।
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने यहां युवा अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाला समय स्वदेशी रक्षा तकनीक और तेज आधुनिकीकरण का है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे ईमानदारी, सटीकता और उत्कृष्टता के साथ भारत की रक्षा शक्ति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं। दरअसल यह समारोह केवल एक पासिंग आउट नहीं, बल्कि भारत के भविष्य के एयर वॉरफेयर और स्वदेशी एयरोस्पेस क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
भारतीय वायुसेना के प्रतिष्ठित एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल से प्रशिक्षित होकर निकले ये अधिकारी सैन्य विमानन के नए विशेषज्ञों के रूप में सामने आए। लगभग 48 सप्ताह तक चले इस कठिन और बहुआयामी प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारतीय वायुसेना, थलसेना और नौसेना के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अब ये अधिकारी भारतीय वायुसेना की प्रतिष्ठित इकाई एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टैब्लिशमेंट के एविएशन विंग में अपनी सेवाएं देंगे।
वायुसेना प्रमुख ने अधिकारियों को लगातार मेहनत और पेशेवर उत्कृष्टता बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यही अधिकारी भारतीय सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण और क्षमता निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि रक्षा उपकरणों और विमानों के डिजाइन से लेकर डिलीवरी तक की प्रक्रिया को तेज करना समय की मांग है। इसके साथ ही सुरक्षा और गुणवत्ता के सर्वोच्च मानकों से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों से ईमानदारी, सटीकता, उत्कृष्टता और पेशेवर दक्षता को अपने कार्य का मूल मंत्र बनाने का आह्वान किया।
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Created On :   24 May 2026 7:47 PM IST












