अभिषेक और ममता बनर्जी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट पर बोले दिलीप घोष, बंगाल में कोई कानून से ऊपर नहीं

अभिषेक और ममता बनर्जी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट पर बोले दिलीप घोष, बंगाल में कोई कानून से ऊपर नहीं
पश्चिम बंगाल सरकार में राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष रघुनाथगंज शहर में सुबह की सैर पर निकले। सुबह-सुबह मंत्री ने कार्यकर्ताओं और आम लोगों के साथ सदरघाट और नेताजी सुभाष द्वीप का दौरा किया। इस दौरान नेपाल के बारे में मीडिया से बात करते हुए घोष ने कहा कि भारत ने मदद का हाथ बढ़ाया है और हमेशा मदद के लिए तैयार रहेगा। उन्होंने ममता और अभिषेक बनर्जी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट पर भी टिप्पणी की और पंचायत विकास व पुराने भ्रष्टाचार के बारे में बात की।

मुर्शिदाबाद, 30 अगस्त (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार में राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री दिलीप घोष रघुनाथगंज शहर में सुबह की सैर पर निकले। सुबह-सुबह मंत्री ने कार्यकर्ताओं और आम लोगों के साथ सदरघाट और नेताजी सुभाष द्वीप का दौरा किया। इस दौरान नेपाल के बारे में मीडिया से बात करते हुए घोष ने कहा कि भारत ने मदद का हाथ बढ़ाया है और हमेशा मदद के लिए तैयार रहेगा। उन्होंने ममता और अभिषेक बनर्जी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट पर भी टिप्पणी की और पंचायत विकास व पुराने भ्रष्टाचार के बारे में बात की।

टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी और पूर्व सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर मंत्री दिलीप घोष ने कहा, "बंगाल में कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। जो लोग कानून या अदालत का सम्मान नहीं करते, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और ऐसा हो भी रहा है। अगर वे अदालत के आदेशों को न मानकर सड़कें जाम कर मीटिंग करेंगे, तो कानूनी कार्रवाई तो होगी ही। सभी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी कानून के खिलाफ न जाए।"

प्रधानमंत्री आवास योजना की 'सर्वे टीम' में तृणमूल समर्थकों के काम करने की बात पर मंत्री दिलीप घोष ने मीडिया से बातचीत में कहा, "जिन स्थानीय लोगों ने यह तय किया है, वे ही इस काम को देख रहे हैं। हम इस बात पर नजर रख रहे हैं कि कहीं इसमें तृणमूल के कार्यकर्ता तो शामिल नहीं हैं। इस इलाके के सभी लोग पहले तृणमूल सदस्य थे। हम इस मामले पर नजर रखे हुए हैं ताकि यह पक्का किया जा सके कि इस काम से कोई भी तृणमूल कार्यकर्ता न जुड़ा हो।"

नेपाल में आई बाढ़ और भारत की ओर से मदद करने पर दिलीप घोष ने कहा, "नेपाल में जो त्रासदी हुई, वह मानवता के ऊपर बहुत बड़ा आघात है। पूरी दुनिया इसको लेकर चिंतित है। भारत पड़ोसी देश होने के कारण मदद करना चाहता है। नेपाल की इच्छा है कि वह अपनी समस्या का समाधान करें, यह अच्छी बात है कि नेपाल अपने पैरों पर खड़ा हो और एक मजबूत देश बने, हम भी यही चाहते हैं। लेकिन एक पड़ोसी के तौर पर, जब भी कोई संकट आता है, हम उनके साथ खड़े रहते हैं।"

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Created On :   30 Aug 2026 10:52 AM IST

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