हमने होर्मुज को नहीं किया बंद, अगर तेहरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुआ हमला तो मिलेगी सजा ईरान

हमने होर्मुज को नहीं किया बंद, अगर तेहरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुआ हमला तो मिलेगी सजा ईरान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 48 घंटे वाले अल्टीमेटम का ईरान के सबसे बड़े मिलिट्री कमांड यूनिट खातम-अल-अंबिया ने जवाब दिया है। ट्रंप की धमकी और चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए कहा कि अगर तेहरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला हुआ तो सजा के तौर पर होर्मुज को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा।

तेहरान, 22 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 48 घंटे वाले अल्टीमेटम का ईरान के सबसे बड़े मिलिट्री कमांड यूनिट खातम-अल-अंबिया ने जवाब दिया है। ट्रंप की धमकी और चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए कहा कि अगर तेहरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला हुआ तो सजा के तौर पर होर्मुज को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा।

ट्रंप ने ट्रुथ पर रविवार सुबह एक पोस्ट में कहा था कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह नहीं खोला जाएगा तो ईरान के बिजली संयंत्रों समेत बड़े प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जाएगा।

ईरान के केंद्रीय कमान प्राधिकरण यानि खातम अल-अंबिया (ईरानी सशस्त्र बलों का एकीकृत लड़ाकू कमान मुख्यालय है, जो जनरल स्टाफ के सीधे अधीन है) ने बयान जारी कर अपना रुख स्पष्ट किया।

ईरान ने साफ कहा कि अगर अमेरिकी-इजरायली हमलों में उसके ऊर्जा ढांचे को नुकसान पहुंचाया गया, तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद कर देगा। बयान में कहा गया, “होर्मुज हमारे नियंत्रण में है और फिलहाल तय नियमों के तहत सुरक्षित आवाजाही जारी है। लेकिन यदि हमारे हितों पर हमला हुआ, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

ईरानी प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि यदि उसके बिजली संयंत्रों को नुकसान पहुंचा, तो न सिर्फ होर्मुज को बंद किया जाएगा, बल्कि इजरायल के ऊर्जा ढांचे, बिजली संयंत्रों और सूचना एवं संचार प्रणालियों को भी व्यापक रूप से निशाना बनाया जाएगा।

बयान में यह भी कहा गया कि खाड़ी क्षेत्र में स्थित वे बिजली संयंत्र और प्रतिष्ठान, जहां अमेरिकी उपस्थिति है, संभावित लक्ष्यों में शामिल होंगे।

हालांकि, ईरान ने यह भी दोहराया कि उसने युद्ध की शुरुआत नहीं की है और वह संघर्ष बढ़ाना नहीं चाहता, लेकिन अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की रक्षा के लिए “हर आवश्यक कदम” उठाएगा।

बयान में आगे कहा गया है, "हमने युद्ध शुरू नहीं किया, और हम अब भी इसे शुरू नहीं करेंगे। हालांकि, यदि हमारे बिजली संयंत्रों को नुकसान पहुंचाया जाता है, तो हम अपने देश और अपने राष्ट्रहित में जो कुछ भी आवश्यक होगा, वह करेंगे।"

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Created On :   22 March 2026 8:57 PM IST

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