आंध्र प्रदेश विधानसभा ने ‘स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस’ विधेयक पारित किया
अमरावती, 19 अगस्त (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश विधानसभा ने बुधवार को आंध्र प्रदेश ओम्निबस (स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस) विधेयक-2026 को मंजूरी दे दी। इस विधेयक का उद्देश्य नियमों को सरल बनाना, मंजूरी की प्रक्रियाओं को आसान करना और राज्य में निवेश के अनुकूल औद्योगिक माहौल तैयार करना है।
मानसून सत्र के तीसरे दिन कानून एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री एनएमडी फारूक ने सदन में यह विधेयक पेश किया।
मंत्री फारूक ने विधेयक के प्रमुख उद्देश्यों और इसके तहत प्रस्तावित सरल प्रक्रियाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार इस विधेयक के माध्यम से विश्वास आधारित नियामक व्यवस्था विकसित करना, नागरिकों के लिए जीवन सुगमता बढ़ाना और सरकारी प्रक्रियाओं के संचालन में तेजी लाना चाहती है।
उन्होंने बताया कि विधेयक का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार द्वारा सुझाए गए सुधारों को लागू करना है, जिनके तहत नियमों में ढील देने और अनुपालन संबंधी बोझ को कम करने पर जोर दिया गया है।
फारूक ने बताया कि आंध्र प्रदेश इंडस्ट्रियल सिंगल विंडो क्लियरेंस एक्ट-2002 के तहत राज्य और जिला स्तर की समितियों वाली दो-स्तरीय संस्थागत व्यवस्था स्थापित करने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य औद्योगिक मंजूरियों की व्यवस्थित निगरानी सुनिश्चित करना है। इसमें स्पष्ट अधिकारों के साथ अनिवार्य एस्केलेशन व्यवस्था भी शामिल होगी।
मंत्री ने आंध्र प्रदेश पब्लिक सर्विसेज डिलीवरी गारंटी एक्ट-2017 के तहत ‘ऑटो-अपील’ व्यवस्था लागू करने की घोषणा की। इसके तहत यदि किसी आवेदक को निर्धारित समय सीमा में सेवा नहीं मिलती या उसका आवेदन खारिज कर दिया जाता है, तो उसे अलग से अपील दायर करने की जरूरत नहीं होगी।
फारूक ने बताया कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर सेवा नहीं दी जाती या आवेदन खारिज कर दिया जाता है तो अपील स्वत: दर्ज मानी जाएगी। इसके बाद अपीलीय प्राधिकरण को 21 दिनों के भीतर मामले का निपटारा करना होगा।
विधानसभा ने विधेयक को सर्वसम्मति से पारित किया। इसमें यह भी प्रावधान किया गया है कि सेवा उपलब्ध कराने का निर्देश देने के अलावा संबंधित मामले में मुआवजा देने का आदेश भी जारी किया जा सकता है।
फारूक ने बताया कि आंध्र प्रदेश फायर सर्विस एक्ट-1999 के तहत अग्नि सुरक्षा नियमों को अंतरराष्ट्रीय मानकों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि नए प्रावधानों के तहत नेशनल बिल्डिंग कोड के संदर्भों को हटाया गया है और अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र के नवीनीकरण के लिए थर्ड-पार्टी फायर ऑडिट एजेंसियों की नई व्यवस्था शुरू की गई है।
इन एजेंसियों के पैनल में शामिल किए जाने, योग्यता, मानकों, कर्तव्यों, निगरानी और अनुशासनात्मक नियमों से संबंधित प्रावधान भी विधेयक में शामिल किए गए हैं।
विधायक रामनजेनेयुलु ने विधेयक की प्रमुख विशेषताओं की सराहना करते हुए सदन से इसे पारित करने का आग्रह किया।
इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष चिंताकायला अय्यन्ना पात्रुडु ने सदस्यों की मंजूरी के बाद ‘स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस’ विधेयक के पारित होने की घोषणा की।
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Created On :   19 Aug 2026 8:29 PM IST












