अंकिता लोखंडे पति संग की भक्तामर पूजा, बोलीं- साथ मिलकर प्रार्थना की ताकत अलग होती है

अंकिता लोखंडे पति संग की भक्तामर पूजा, बोलीं- साथ मिलकर प्रार्थना की ताकत अलग होती है
टेलीविजन की लोकप्रिय अभिनेत्री अंकिता लोखंडे अपने प्रोफेशन के साथ-साथ घर की जिम्मेदारियों को भी बहुत अच्छे से निभाती हैं। गुरुवार को उन्होंने सुबह अपने पति विक्की जैन के साथ भक्तामर पूजा की। इस खास मौके की कुछ झलक उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट की।

मुंबई, 26 फरवरी (आईएएनएस)। टेलीविजन की लोकप्रिय अभिनेत्री अंकिता लोखंडे अपने प्रोफेशन के साथ-साथ घर की जिम्मेदारियों को भी बहुत अच्छे से निभाती हैं। गुरुवार को उन्होंने सुबह अपने पति विक्की जैन के साथ भक्तामर पूजा की। इस खास मौके की कुछ झलक उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट की।

पोस्ट किए गए वीडियो में अंकिता और विक्की जैन रीति-रिवाजों के अनुसार विधि-विधान से पूजा-पाठ करते नजर आ रहे हैं। अभिनेत्री ने अपनी भावना व्यक्त करते हुए लिखा, "आज हमने भक्तामर पूजा की। मुझे फिर से एहसास हुआ कि जब पति-पत्नी साथ मिलकर भगवान की प्रार्थना करते हैं, तो उसकी ताकत कुछ और ही होती है। जब दो आत्माएं सच्चे दिल से भगवान को कुछ समर्पित करती हैं, तो दिल को शांति, मन को सुकून और आत्मा को बहुत आराम मिलता है।"

अभिनेत्री ने लिखा कि उन्हें बेहद खुशी है कि उनकी शादी एक ऐसे परिवार में हुई है, जहां वही संस्कार और भक्ति है, जिन्हें देखकर वे बड़ी हुई हैं। उन्होंने लिखा, "हर धार्मिक अवसर पर परिवार का साथ मिलना मेरे लिए एक आशीर्वाद की तरह है।"

अंकिता ने यह भी बताया कि उनके लिए भगवान एक ही हैं। उन्होंने लिखा, "अगर मन सच्चा और साफ हो, तो हर प्रार्थना और भावना सीधे भगवान तक पहुंचती है। आज मुझे वही पवित्रता, वही जुड़ाव और वही अपनापन महसूस हुआ। मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानती हूं। मेरे जीवन में जो कुछ भी है, जो बीत चुका, जो अभी है और जो आगे आएगा उसके लिए मैं हमेशा आभारी हूं।"

अपनी पोस्ट को खत्म करते हुए अंकिता ने लिखा, "मेरी अंतर आत्मा ईश्वर की भक्ति के लिए सदैव जाग्रत रही है, जो भी अच्छा इस सृष्टि ने मेरे लिए लिखा है, उसे पाने के लिए मैं हमेशा तैयार हूं। धन्यवाद भगवान। धन्यवाद सृष्टि।"

भक्तामर पूजा, जैन आचार्य मानतुंगाचार्य द्वारा रचित 48 श्लोकों के दिव्य भक्तामर स्तोत्र पर आधारित एक अत्यंत प्रभावशाली विधान है, जो प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान (ऋषभदेव) को समर्पित है। यह पूजा (पूजा-अर्चना) जीवन में शांति, सकारात्मक ऊर्जा, कष्टों के निवारण और पापों को नष्ट करने के लिए की जाती है।

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Created On :   26 Feb 2026 2:53 PM IST

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