आर्टेमिस II ओरियन में लगे 32 कैमरे और क्रू के 17 हैंडहेल्ड डिवाइस ने पृथ्वी-चंद्रमा की खूबसूरत तस्वीरें कैद कीं, नासा ने दिखाई झलक

आर्टेमिस II  ओरियन में लगे 32 कैमरे और क्रू के 17 हैंडहेल्ड डिवाइस ने पृथ्वी-चंद्रमा की खूबसूरत तस्वीरें कैद कीं, नासा ने दिखाई झलक
अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने आर्टेमिस II मिशन के दौरान ली गई पृथ्वी और चांद की आश्चर्यजनक तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट की हैं।

नई दिल्ली, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने आर्टेमिस II मिशन के दौरान ली गई पृथ्वी और चांद की आश्चर्यजनक तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट की हैं।

इन तस्वीरों को पोस्ट करते हुए नासा ने लिखा, “हेलो, चांद। यहां आकर बहुत अच्छा लगा।” आर्टेमिस II के अंतरिक्ष यात्री चांद का चक्कर लगाते हुए उसके उन हिस्सों को देख पाए, जिन्हें इंसानी आंखों ने पहले कभी नहीं देखा था। उन्होंने इन अनोखे नजारों को तस्वीरों और शब्दों में कैद कर लिया, जो हम आपको दिखा रहे हैं।

आर्टेमिस II मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्री रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसन ने पृथ्वी और चांद के कई यादगार नजारे कैमरे में उतारे और लगातार शेयर कर रहे हैं। इनमें पहली बार स्मार्टफोन से ली गई अंतरिक्ष तस्वीरें भी शामिल हैं।

ओरियन स्पेसक्राफ्ट में कुल 32 कैमरे और फो70टो-वीडियो लेने वाले उपकरण लगे हैं। इनमें 15 कैमरे स्पेसक्राफ्ट पर ही लगे हुए हैं, जो लॉन्च, सोलर एरे डिप्लॉयमेंट, चांद के चारों ओर यात्रा और अन्य महत्वपूर्ण पलों को रिकॉर्ड कर रहे हैं। बाकी 17 हैंडहेल्ड डिवाइस चारों एस्ट्रोनॉट्स के पास हैं, जिनमें निकॉन डी5 डीएसएलआर, निकॉन जेड9 मिररलेस कैमरा, गोप्रो और स्मार्टफोन शामिल हैं। ये सभी उपकरण इंजीनियरिंग, नेविगेशन, क्रू की निगरानी और चंद्रमा से जुड़े विज्ञान तथा आउटरीच गतिविधियों में मदद कर रहे हैं।

नासा के अनुसार, ओरियन स्पेसक्राफ्ट पर लगे बाहरी कैमरे सोलर एरे से लेकर केबिन के अंदरूनी दृश्य तक हर कोण से मिशन को कैद कर रहे हैं। एक खास ऑप्टिकल नेविगेशन कैमरा पृथ्वी और चांद की तस्वीरें लेकर स्पेसक्राफ्ट को गहरे अंतरिक्ष में अपनी स्थिति तय करने में सहायता दे रहा है।

चार सदस्यों वाले चालक दल ने इन आधुनिक कैमरों की मदद से पृथ्वी की ऐसी तस्वीरें ली हैं, जिनमें उत्तरी और दक्षिणी दोनों ओर ऑरोरा लाइट भी एक साथ दिख रही हैं। कुछ तस्वीरें स्मार्टफोन से ली गई हैं, जो अंतरिक्ष उड़ान के लिए पहली बार मंजूर हुई हैं।

वहीं, आर्टेमिस II की कुछ शुरुआती तस्वीरें 1968 में अपोलो 8 मिशन के दौरान बिल एंडर्स द्वारा ली गई प्रसिद्ध ‘अर्थराइज’ (पृथ्वी उदय) की तस्वीर की याद दिलाती हैं। उस समय हैसलब्लैड फिल्म कैमरा और 250 मिमी लेंस का इस्तेमाल हुआ था। आज आर्टेमिस II के अंतरिक्ष यात्रियों के पास 80-400 मिमी टेलीफोटो लेंस और बेहतर डिजिटल कैमरे उपलब्ध हैं, जिससे हाई क्वालिटी वाली तस्वीरें लेना आसान हो गया है। फिर भी, उड़ान की गति और समय की वजह से ठीक वैसी ही तस्वीर दोबारा कैद करना चुनौतीपूर्ण रहा।

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Created On :   8 April 2026 10:56 AM IST

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