भाजपा की राष्ट्रीय टीम में यूपी का दबदबा, आठ चेहरों को जगह, जातीय समीकरणों के साथ मुस्लिम दांव
लखनऊ, 17 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपने राष्ट्रीय संगठन में प्रदेश को खास तवज्जो देकर सियासी संदेश साफ कर दिया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम में उत्तर प्रदेश से आठ नेताओं को जगह मिली है।
संगठन में प्रतिनिधित्व तय करते समय जातीय और क्षेत्रीय संतुलन के साथ पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वोट बैंक पर भी पार्टी का फोकस साफ नजर आया है। इसे समाजवादी पार्टी के पीडीए समीकरण की काट के तौर पर भी देखा जा रहा है। नई राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश से दो राष्ट्रीय महामंत्री बनाए गए हैं। स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी को यह जिम्मेदारी देकर पार्टी ने प्रदेश को संगठन में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी दी है।
आठ राष्ट्रीय महामंत्रियों में दो उत्तर प्रदेश से हैं, जबकि अन्य राज्यों से एक-एक चेहरे को यह जिम्मेदारी मिली है। भाजपा ने इस बार संगठन में अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व को भी प्रमुखता दी है। प्रो. तारिक मंसूर और कुंवर बासित अली को राष्ट्रीय टीम में शामिल कर पार्टी ने मुस्लिम समाज तक राजनीतिक पहुंच मजबूत करने का संकेत दिया है।
वहीं, पिछड़े वर्ग के प्रतिनिधित्व को मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश के राज्यसभा सदस्य अमरपाल मौर्य को राष्ट्रीय ओबीसी मोर्चा की कमान सौंपी गई है। अमरपाल मौर्य को ओबीसी मोर्चे की जिम्मेदारी देना खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश में प्रदेश महामंत्री की भूमिका निभा चुके मौर्य को राष्ट्रीय स्तर पर पिछड़े वर्ग के संगठन की कमान देकर भाजपा ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अपने सामाजिक समीकरण को धार देने की कोशिश की है। पार्टी ने उत्तर प्रदेश से ओबीसी समाज की दो महिलाओं को भी राष्ट्रीय टीम में जगह देकर महिला और पिछड़ा वर्ग, दोनों समीकरणों को साधने का प्रयास किया है।
वहीं, राष्ट्रीय उपाध्यक्षों की सूची में भी उत्तर प्रदेश को दो स्थान मिले हैं। 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्षों में प्रदेश के दो चेहरे शामिल हैं। रेखा वर्मा को जिम्मेदारी दी है। राष्ट्रीय मंत्रियों की सूची में भी उत्तर प्रदेश की मजबूत मौजूदगी रही। 16 राष्ट्रीय मंत्रियों में तीन चेहरे दिल्ली से हैं, जबकि उत्तर प्रदेश से बुलंदशहर के सांसद भोला सिंह और संगीता यादव को जिम्मेदारी दी गई है। इस तरह राष्ट्रीय संगठन में उत्तर प्रदेश की कुल आठ नेताओं की मौजूदगी पार्टी की चुनावी रणनीति में प्रदेश की अहमियत को रेखांकित करती है।
नई टीम में कुछ पुराने और प्रभावशाली चेहरों की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय बनी है। लंबे समय से राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अरुण सिंह को इस बार जगह नहीं मिली। इसके अलावा नोएडा के राज्यसभा सदस्य सुरेंद्र नागर, मेरठ के राज्यसभा सदस्य लक्ष्मीकांत बाजपेयी और गोरखपुर के राधामोहन को भी राष्ट्रीय टीम से बाहर रखा गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व महज संख्या तक सीमित नहीं है। संगठन में ओबीसी, महिला और अल्पसंख्यक चेहरों को जगह देकर पार्टी ने 2027 के चुनाव से पहले सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश की है। वहीं दूसरी ओर पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों में राजनीतिक विस्तार की संभावनाओं को भी साधने का संदेश दिया है।
अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|
Created On :   17 Aug 2026 7:05 PM IST












