भारत के ग्रीन हाइड्रोजन मिशन पर दुनिया की नजर, जापान-जर्मनी के साथ पार्टनरशिप पर टीएनओ का बयान

भारत के ग्रीन हाइड्रोजन मिशन पर दुनिया की नजर, जापान-जर्मनी के साथ पार्टनरशिप पर टीएनओ का बयान
भारत के नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन ने वैश्विक स्तर पर ध्यान खींचना शुरू कर दिया है। नीदरलैंड की प्रमुख एप्लाइड रिसर्च ऑर्गनाइजेशन टीएनओ (टीएनओ) के वरिष्ठ सलाहकार और भारत प्रतिनिधि राजेश मेहता ने कहा कि भारत न सिर्फ ग्रीन हाइड्रोजन बल्कि हाइड्रोजन डेरिवेटिव्स का ग्लोबल हब बनने की पूरी क्षमता रखता है।

नई दिल्ली, 25 सितंबर (आईएएनएस)। भारत के नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन ने वैश्विक स्तर पर ध्यान खींचना शुरू कर दिया है। नीदरलैंड की प्रमुख एप्लाइड रिसर्च ऑर्गनाइजेशन टीएनओ (टीएनओ) के वरिष्ठ सलाहकार और भारत प्रतिनिधि राजेश मेहता ने कहा कि भारत न सिर्फ ग्रीन हाइड्रोजन बल्कि हाइड्रोजन डेरिवेटिव्स का ग्लोबल हब बनने की पूरी क्षमता रखता है।

उन्होंने कहा कि मिशन के तहत पॉलिसी से लेकर वैल्यू चेन और रिफाइनरी टेंडर्स तक सब कुछ बेहद सोच-समझकर तैयार किया गया है, जो उनके लिए दिलचस्प और आंखें खोलने वाला अनुभव रहा है।

टीएनओ के वरिष्ठ सलाहकार और भारत प्रतिनिधि राजेश मेहता ने कहा, "मैं टीएनओ का प्रतिनिधित्व करता हूं। हम नीदरलैंड की एक एप्लाइड रिसर्च ऑर्गनाइजेशन हैं और यूरोप की एक प्रमुख रिसर्च संस्था हैं जो पावर-टू-एक्स डोमेन और ग्रीन हाइड्रोजन पर काम कर रही हैं। भारत के नजरिए से देखें तो यहां बहुत कुछ सीखने को मिल रहा है और ये सीखने की प्रक्रिया काफी तेज है, खासकर पावर-टू-एक्स डोमेन में।

उन्होंने आगे कहा कि पीईएम टेक्नोलॉजी, अल्कलाइन, सॉलिड ऑक्साइड जैसी तकनीकों का स्केल-अप हो रहा है और भारत के लिए एक बड़ा अवसर है कि वह न सिर्फ हाइड्रोजन बल्कि हाइड्रोजन डेरिवेटिव्स का भी एक ग्लोबल हब बने, और इंडस्ट्री के लिए सॉल्यूशंस और एक्सपोर्ट के अवसर भी तैयार करे।

राजेश मेहता ने कहा, "यह हमारे लिए बहुत ही दिलचस्प और आंखें खोलने वाला अनुभव रहा कि कैसे नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के तहत सब कुछ बहुत सोच-समझकर किया गया था। पॉलिसी ने पूरी वैल्यू चेन और इंडस्ट्रियल सेक्टर्स को ड्राइव किया और रिफाइनरी टेंडर्स लॉन्च किए गए, तो इन विषयों पर भारत में बहुत उत्साह है। और सिर्फ उत्साह ही नहीं, मैं कहूंगा कि इंडस्ट्रियल प्लेयर्स की तरफ से असल एक्शन भी दिख रहा है।"

उन्होंने कहा कि सबसे पहले एक्सपोर्ट अपॉर्चुनिटीज की बात है, जिस पर भारत प्रमुखता से ध्यान दे रहा है। जापान और जर्मनी सहित यूरोपीय देशों जैसे बाहरी साझेदारों के साथ भारत साझेदारी कर रहा है और एक रिसर्च ऑर्गनाइजेशन के तौर पर हमारे लिए यह काफी रोमांचक है।

टीएनओ के वरिष्ठ सलाहकार ने कहा कि हम देख रहे हैं कि यहां टेक्नोलॉजी स्केल-अप में अहम भूमिका निभा रही है और हम यूरोप के एक रिसर्च इंस्टीट्यूट के तौर पर भारत में अपने समान विचारधारा वाले पार्टनर्स, चाहे वो इंडस्ट्रियल प्लेयर्स हों, टियर-वन रिसर्च इंस्टीट्यूट हों या भारत में उभरती हाइड्रोजन वैल्यू चेन हो, के साथ मिलकर क्या ला सकते हैं। यही वे असली अवसर हैं जिनका हमें इंतजार है।

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Created On :   25 Sept 2026 11:26 PM IST

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