भारत-म्यांमार की 23वीं राष्ट्रीय बैठक, द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति

भारत-म्यांमार की 23वीं राष्ट्रीय बैठक, द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति
भारत और म्यांमार के बीच सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए 23वीं राष्ट्रीय स्तर की बैठक नई दिल्ली में आयोजित हुई। इस बैठक में दोनों देशों ने सीमा सुरक्षा, आतंकवाद, तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों से निपटने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

नई द‍िल्‍ली, 8 जुलाई (आईएएनएस)। भारत और म्यांमार के बीच सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए 23वीं राष्ट्रीय स्तर की बैठक नई दिल्ली में आयोजित हुई। इस बैठक में दोनों देशों ने सीमा सुरक्षा, आतंकवाद, तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों से निपटने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

भारत और म्यांमार के बीच 23वीं राष्ट्रीय स्तर की बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भारत सरकार के गृह मंत्रालय के सचिव गोविंद मोहन ने किया, जबकि म्यांमार के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व म्यांमार संघ गणराज्य की सरकार के गृह मंत्रालय के उप मंत्री मेजर जनरल मिन थू ने किया।

बैठक में दोनों देशों ने अपनी लंबे समय से चली आ रही दोस्ती और मजबूत साझेदारी के महत्व को दोहराया। दोनों पक्षों ने आपसी फायदे के लिए सहयोग को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता जताई। भारतीय पक्ष ने कहा कि म्यांमार, भारत की ‘पड़ोसी पहले’, ‘एक्ट ईस्ट’ और ‘महासागर' (म्यूचुअल एंड होलिस्टिक एडवांसमेंट फॉर सिक्योरिटी एंड ग्रोथ अक्रॉस रीजन्स) नीतियों में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

दोनों देशों ने द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग पर विस्तार से और सकारात्मक चर्चा की तथा आपसी बातचीत के लिए बनाए गए तंत्रों के तहत हुई प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने आतंकवाद, उग्रवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी, हथियारों की तस्करी, मानव तस्करी, वन्यजीव तस्करी, साइबर अपराध और अन्य संगठित अपराधों से निपटने में सहयोग पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने खुफिया जानकारी साझा करने और आपसी तालमेल बढ़ाने के साथ-साथ साझा सुरक्षा चुनौतियों से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए प्रशिक्षण और क्षमता बढ़ाने वाले कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।

दोनों देशों ने भारत-म्यांमार सीमा पर मौजूदा सुरक्षा स्थिति की भी समीक्षा की और सीमा पर शांति, स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने के महत्व को दोहराया। दोनों पक्षों ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी देश की जमीन का इस्तेमाल ऐसी गतिविधियों के लिए नहीं होना चाहिए जो दूसरे देश की सुरक्षा के लिए खतरा बनें। म्यांमार पक्ष ने भरोसा दिलाया कि उसकी जमीन का इस्तेमाल भारत के सुरक्षा हितों के खिलाफ नहीं होने दिया जाएगा।

दोनों देशों ने कालादान मल्टी-मॉडल ट्रांजिट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट और भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग को जल्द पूरा करने के लिए मिलकर काम करने के महत्व को स्वीकार किया।

दोनों पक्षों ने बैठक के परिणामों पर संतोष जताया और सहमति व्यक्त की कि सुरक्षा से जुड़े मामलों में संबंधित एजेंसियां मौजूदा द्विपक्षीय व्यवस्थाओं, नियमित बातचीत, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और आपसी सहमति से लिए गए फैसलों को लागू करने के माध्यम से लगातार सहयोग और संपर्क बनाए रखेंगी।

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Created On :   8 July 2026 11:08 PM IST

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