भारत ने किया अपने नागरिकों के लिए ट्रांजिट वीजा की अनिवार्यता खत्म करने के जर्मनी के फैसले का स्वागत

भारत ने किया अपने नागरिकों के लिए ट्रांजिट वीजा की अनिवार्यता खत्म करने के जर्मनी के फैसले का स्वागत
भारतीय नागरिकों को जर्मन एयरपोर्ट पर लेओवर के साथ दूसरे देश की यात्रा करते समय ट्रांजिट वीजा की जरूरत नहीं होगी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने भारत में जर्मन दूतावास के ऐलान पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की और जर्मनी की सरकार के फैसले का स्वागत किया।

नई दिल्ली, 2 जून (आईएएनएस)। भारतीय नागरिकों को जर्मन एयरपोर्ट पर लेओवर के साथ दूसरे देश की यात्रा करते समय ट्रांजिट वीजा की जरूरत नहीं होगी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने भारत में जर्मन दूतावास के ऐलान पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की और जर्मनी की सरकार के फैसले का स्वागत किया।

भारत के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "हम जर्मनी द्वारा 3 जून से सिर्फ हवाई रास्ते से जर्मनी से गुजरने वाले भारतीय नागरिकों के लिए ट्रांजिट वीजा की जरूरत को माफ करने की घोषणा को लागू करने का स्वागत करते हैं। यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चांसलर मर्ज के बीच जनवरी 2026 में भारत दौरे के दौरान हुई बातचीत के बाद की गई थी। इस नई व्यवस्था से भारत और जर्मनी के बीच लोगों के बीच संबंध और बेहतर होंगे।"

नई दिल्ली में जर्मन दूतावास ने कहा, "भारतीय नागरिकों के लिए एयरपोर्ट ट्रांजिट वीजा की जरूरत को हटाने की घोषणा फेडरल लॉ गैजेट (बुंडेसगेसेट्ज़ब्लाट) में 2 जून को की गई थी और यह 3 जून से लागू होगा।"

संघीय गणराज्य के सार्वजानिक राजपत्र में कहा गया, "यह इस साल जनवरी में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की भारत यात्रा का नतीजा है। यह जर्मन-भारतीय संबंधों को गहरा करने, लोगों की आवाजाही को आसान बनाने और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए संघीय सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाता है।"

इस दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर मर्ज ने आपसी व्यापार और निवेश में लगातार बढ़ोतरी का स्वागत किया था और कहा कि 2024 में दोनों देशों के बीच व्यापार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया और यह अच्छा व्यापार 2025 तक जारी रहेगा।

भारत और जर्मनी ने व्यापार, तकनीक, स्वास्थ्य और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों पक्षों ने 19 समझौते किए और रणनीतिक, आर्थिक और लोगों के बीच आपसी सहयोग को गहरा करने के मकसद से कई नीति की घोषणाएं कीं।

दोनों नेताओं ने भारत-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (आईएमईसी) के लिए अपने मजबूत समर्थन को फिर से सुनिश्चि किया और वैश्विक कॉमर्स, कनेक्टिविटी और खुशहाली को नया आकार देने और बढ़ावा देने में इसकी बदलाव लाने की क्षमता पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने के लिए पहली आईएमईसी मंत्रिस्तरीय मीटिंग का भी इंतजार किया।

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Created On :   2 Jun 2026 11:50 PM IST

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