भव्य योजना देश में 33,660 करोड़ रुपए की लागत से 100 औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे
नई दिल्ली, 24 मई (आईएएनएस)। भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने भव्य योजना के कार्यान्वयन के लिए विस्तृत परिचालन दिशानिर्देश जारी किए हैं। भव्य योजना एक ऐतिहासिक केंद्रीय क्षेत्र योजना है, जिसका उद्देश्य देश भर में निवेश के लिए तैयार, विश्व स्तरीय औद्योगिक पार्क विकसित करना है।
भव्य परियोजना को मेक इन इंडिया, पीएम गति शक्ति और भारत को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी विनिर्माण गंतव्य के रूप में स्थापित करने के सरकार के व्यापक दृष्टिकोण के उद्देश्यों के अनुरूप एकीकृत औद्योगिक बुनियादी ढांचे के विकास के माध्यम से भारत के विनिर्माण इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने के लिए डिजाइन किया गया है।
इस योजना के तहत 2026-27 से 2031-32 तक छह वर्षों की अवधि में 100 औद्योगिक पार्कों के विकास की प्रतिस्पर्धी योजना है, जिसके लिए कुल लगभग 33,660 करोड़ रुपए का वित्तीय परिव्यय किया गया है। पहले चरण में, प्रतियोगिता-आधारित चयन प्रक्रिया के माध्यम से अधिकतम 50 औद्योगिक पार्कों का चयन किया जाएगा।
इन दिशा-निर्देशों में योजना के अंतर्गत औद्योगिक पार्कों के लिए पात्रता मानदंड, परियोजना चयन पद्धति, वित्तपोषण संरचना, शासन संरचना, निगरानी प्रणाली और कार्यान्वयन तौर-तरीकों को शामिल करते हुए एक व्यापक ढांचा निर्धारित किया गया है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्लग-एंड-प्ले बुनियादी ढांचे, बहुआयामी लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी, विश्वसनीय उपयोगिता प्रणालियों, श्रमिक-सहायक बुनियादी ढांचे, डिजिटल शासन प्रणालियों और सतत विकास सुविधाओं से युक्त 'निवेश के लिए तैयार' औद्योगिक इकोसिस्टम का निर्माण करना है।
दिशानिर्देशों में ग्रीनफील्ड और पात्र ब्राउनफील्ड औद्योगिक पार्कों के विकास का प्रावधान है। गैर-पहाड़ी राज्यों के लिए न्यूनतम भूमि की आवश्यकता 100 एकड़ और पहाड़ी राज्यों, पूर्वोत्तर राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और छोटे राज्यों के लिए 25 एकड़ निर्धारित की गई है। योजना में 1000 एकड़ तक के बड़े पार्कों पर भी विचार करने की अनुमति है।
चुनौती-आधारित चयन ढांचे के अन्तर्गत, प्रस्तावों का मूल्यांकन बहुआयामी कनेक्टिविटी, स्थल की उपयुक्तता, बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता, औद्योगिक इकोसिस्टम की मजबूती, नीतिगत सुविधा, डिजिटल शासन की तैयारी और दीर्घकालिक स्थिरता सहित वस्तुनिष्ठ मापदंडों पर किया जाएगा।
इन दिशानिर्देशों में भूमिगत उपयोगिता प्रणालियों, जल और अपशिष्ट प्रबंधन अवसंरचना, सामान्य अपशिष्ट उपचार प्रणालियों, नवीकरणीय ऊर्जा अवसंरचना, श्रमिक आवास, परीक्षण प्रयोगशालाओं, डिजिटल सिंगल-विंडो सिस्टम, कौशल विकास सुविधाओं और एकीकृत सामान्य अवसंरचना जैसे घटकों के लिए अवसंरचना की गुणवत्ता के मूल्यांकन का प्रावधान है।
भव्य योजना के अंतर्गत परियोजनाओं का कार्यान्वयन कंपनी अधिनियम, 2013 के अन्तर्गत निगमित विशेष प्रयोजन वाहनों (एसपीवी) के माध्यम से किया जाएगा। एसपीवी परियोजना नियोजन, विकास, संचालन, प्रबंधन, निवेशक सुविधा प्रदान करने और योजना के अंतर्गत निर्मित परिसंपत्तियों के दीर्घकालिक रखरखाव के लिए जिम्मेदार होंगे।
इस योजना के अन्तर्गत एसपीवी को हस्तांतरित भूमि के मूल्य और निर्धारित परियोजना लक्ष्यों की प्राप्ति से जुड़ी इक्विटी अंशदान के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम (एनआईसीडीसी) को योजना के कार्यान्वयन और निगरानी के लिए परियोजना प्रबंधन एजेंसी (पीएमए) के रूप में नामित किया गया है।
दिशानिर्देशों में परियोजना-विशिष्ट एसपीवी के माध्यम से औद्योगिक पार्क विकास में निजी डेवलपर्स की भागीदारी के लिए संरचित प्रावधान भी दिए गए हैं, जिनमें स्पष्ट रूप से परिभाषित शासन ढांचे, पारदर्शिता सुरक्षा उपाय और जवाबदेही तंत्र शामिल हैं।
प्रभावी कार्यान्वयन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, दिशानिर्देशों में जीआईएस-आधारित निगरानी प्रणाली, आवधिक प्रगति रिपोर्टिंग, लेखापरीक्षा तंत्र और डीपीआईआईटी के सचिव की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय स्तर की संचालन समिति द्वारा निरीक्षण को शामिल किया गया है।
योजना के दिशानिर्देशों में रसद, कौशल विकास, स्थिरता, नवीकरणीय ऊर्जा, उपयोगिता अवसंरचना और औद्योगिक विकास के लिए संबंधित केंद्रीय और राज्य सरकार की पहलों के साथ समन्वय स्थापित करने का प्रावधान भी है।
दिशानिर्देशों का प्रकाशन भव्य योजना के संचालन और वैश्विक स्तर पर मानकीकृत औद्योगिक बुनियादी ढांचे के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो बड़े पैमाने पर विनिर्माण निवेश को आकर्षित करने, घरेलू आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने, रोजगार सृजित करने और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं के साथ भारत के एकीकरण को बढ़ाने में सक्षम है।
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Created On :   24 May 2026 8:48 PM IST












