बिहार गयाजी में पितृपक्ष मेला के पहले दिन देवघाट पर उमड़े श्रद्धालु, बारिश के बीच प्रशासन ने संभाली व्यवस्था
गयाजी, 26 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार के गयाजी में पितृपक्ष मेला 2026 के पहले दिन शनिवार को देश-विदेश से पहुंचे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने देवघाट समेत फल्गु नदी के विभिन्न घाटों पर अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना के साथ पिंडदान एवं तर्पण किया। सुबह से ही विष्णुपद मंदिर क्षेत्र और फल्गु नदी के घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही।
लगातार बारिश के बावजूद जिला प्रशासन और गया नगर निगम की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता और सुगम आवागमन को लेकर व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की गई।
जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर, वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार और गया नगर निगम के नगर आयुक्त डॉ. गगन कुमार ने संयुक्त रूप से मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने विष्णुपद मंदिर, सोलह वेदी, देवघाट, गजाधर घाट, गायत्री घाट और गया जी डैम सहित विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का जायजा लिया।
जिला पदाधिकारी ने घाटों पर चेंजिंग रूम, टॉयलेट और शौचालयों की नियमित सफाई के साथ नदी में प्रवाहित पूजन सामग्री को जाल के माध्यम से लगातार निकालने का निर्देश दिया। विष्णुपद मंदिर में श्रद्धालुओं को जिग-जैग कतार व्यवस्था के माध्यम से दर्शन कराने और भीड़ प्रबंधन को प्रभावी रखने के निर्देश दिए गए।
बारिश के कारण फिसलन की आशंका को देखते हुए मंदिर परिसर में लगातार पानी हटाने और वाइपर से फर्श की सफाई कराने को कहा गया। गर्भगृह में प्रवेश और निकास के दौरान श्रद्धालुओं की सहायता के लिए कर्मियों को भी आवश्यक निर्देश दिए गए।
इस दौरान निर्धारित शुल्क से अधिक राशि लेने वाले एक फोटोग्राफर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसका पहचान पत्र तत्काल निरस्त कर दिया गया। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अधिकृत फोटोग्राफरों द्वारा निर्धारित शुल्क से अधिक राशि लेने की शिकायत सही पाए जाने पर पहचान पत्र निरस्त करने के साथ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा और जाम से बचाव के लिए विष्णुपद मंदिर के परिधि क्षेत्र को नो हॉर्न, नो व्हीकल और नो पॉल्यूशन जोन बनाया गया है। चांद चौरा मोड़ और बंगाली आश्रम के पास वाहनों को रोककर श्रद्धालुओं को पैदल अथवा निशुल्क ई-रिक्शा से विष्णुपद क्षेत्र तक पहुंचने की व्यवस्था की गई है।
जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने स्वयं चांद चौरा से विष्णुपद मेला क्षेत्र तक ई-रिक्शा से पहुंचकर और वापस भी ई-रिक्शा से लौटकर लोगों को व्यवस्था का पालन करने का संदेश दिया। उन्होंने अति विशिष्ट व्यक्तियों, वरीय पदाधिकारियों और अन्य लोगों से भी अपील की कि तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए विष्णुपद क्षेत्र में पैदल या ई-रिक्शा से ही आवागमन करें।
जिला परिवहन पदाधिकारी के अनुसार चांद चौरा से विष्णुपद और विष्णुपद से बंगाली आश्रम के बीच तीन शिफ्ट में 150 निशुल्क ई-रिक्शा लगाए गए हैं। प्रेतशिला पार्किंग से प्रेतशिला मंदिर तक बुजुर्ग तीर्थयात्रियों के लिए भी ई-रिक्शा उपलब्ध कराए गए हैं।
गया रेलवे स्टेशन से पिंडदान स्थलों तक जाने के इच्छुक श्रद्धालुओं को भी मांग पर निशुल्क ई-रिक्शा की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
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Created On :   26 Sept 2026 10:00 PM IST












