बिहार में शुरू होगी हेली-एयर टूरिज्म सेवा, बोधगया में 165 करोड़ रुपए के ध्यान केंद्र का भी होगा शिलान्यास
पटना, 12 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार में पर्यटन को नई गति देने की दिशा में राज्य सरकार सोमवार को कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत करेगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर्यटन विभाग और नागरिक उड्डयन विभाग की संयुक्त पहल 'मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026' का शुभारंभ करेंगे। इसके साथ ही बोधगया में 165.44 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बौद्ध ध्यान एवं अनुभव केंद्र का शिलान्यास तथा राज्य के विभिन्न पर्यटन स्थलों से जुड़ी कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे।
पर्यटन विभाग के अनुसार, हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना का उद्देश्य धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक पर्यटकों की त्वरित, सुरक्षित और सुगम पहुंच सुनिश्चित करना है।
पर्यटन विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि योजना के पहले चरण में पश्चिम चंपारण का वाल्मीकिनगर, कैमूर स्थित मां मुंडेश्वरी मंदिर और नालंदा का राजगीर शामिल किए गए हैं। इसके माध्यम से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने, पर्यटन राजस्व में वृद्धि करने तथा बिहार को राष्ट्रीय स्तर पर हेली-टूरिज्म गंतव्य के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
योजना के तहत पटना से वाल्मीकिनगर, राजगीर और कैमूर के लिए प्रत्येक शनिवार और रविवार को हेलीकॉप्टर एवं राजकीय विमान सेवाएं संचालित होंगी। इसके अलावा पर्यटकों को पटना शहर का हवाई नजारा दिखाने के लिए हेलीकॉप्टर जॉय राइड की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकार ने विभिन्न मार्गों के लिए रियायती किराया निर्धारित किया है। टिकटों की बुकिंग बिहार पर्यटन और बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यक्रम के दौरान बिहार पर्यटन नीति के तहत मुजफ्फरपुर की तूफानी एडवेंचर प्राइवेट लिमिटेड को एम्यूजमेंट पार्क श्रेणी में 1.37 करोड़ रुपये की पहली किश्त का चेक भी प्रदान करेंगे।
वहीं, मुख्यमंत्री होम स्टे पॉलिसी के अंतर्गत वाल्मीकिनगर के संतोष कुमार, बोधगया की उषा सिंह और बराबर के पुरुषोत्तम प्रकाश को प्रमाणन प्रमाणपत्र सौंपेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री गया जिले के बोधगया में 165.44 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बौद्ध ध्यान एवं अनुभव केंद्र का शिलान्यास करेंगे।
पर्यटन विभाग के मुताबिक, इस केंद्र के निर्माण से देश-विदेश से आने वाले बौद्ध श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विश्वस्तरीय ध्यान एवं आध्यात्मिक अनुभव की सुविधा उपलब्ध होगी। कार्यक्रम के दौरान करीब 28.50 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुई पर्यटन विकास परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया जाएगा। इनमें मनेर शरीफ में थीमेटिक गेट, पटना के दीघा घाट पर पर्यटक सुविधाओं का विकास, गया के संडेश्वर नाथ शिव मंदिर का सौंदर्यीकरण, गांधी मैदान पार्क का पुनर्विकास, वैष्णो मंदिर के भव्य प्रवेश द्वार एवं प्रकाश व्यवस्था, ब्रह्मेश्वर स्थान के दूसरे चरण का विकास, भोजपुर के बेलाउर सूर्य मंदिर का विकास, शिवहर के देवकुली धाम में तालाब का सौंदर्यीकरण और दुकान निर्माण तथा वैशाली के नानक साहब लालगंज के विकास कार्य शामिल हैं।
राज्य सरकार का मानना है कि इन पहलों से बिहार में धार्मिक और विरासत पर्यटन को नई पहचान मिलेगी तथा पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
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Created On :   12 July 2026 7:30 PM IST












