सीएम सुवेंदु ने पहले दिन लिया बीएसएफ को जमीन देने का फैसला, ममता सरकार ने लगाई थी रोक दिलीप घोष

सीएम सुवेंदु ने पहले दिन लिया बीएसएफ को जमीन देने का फैसला, ममता सरकार ने लगाई थी रोक दिलीप घोष
पश्चिम बंगाल में सेना को जमीन देने के मामले में भाजपा ने टीएमसी पर निशाना साधा है। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने बाताया कि सीएम सुवेंदु अधिकारी ने बाड़बंदी के लिए मंजूरी दे दी है, जबकि ममता सरकार इस पर रोक लगा रही थी।

कोलकाता, 14 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में सेना को जमीन देने के मामले में भाजपा ने टीएमसी पर निशाना साधा है। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने बाताया कि सीएम सुवेंदु अधिकारी ने बाड़बंदी के लिए मंजूरी दे दी है, जबकि ममता सरकार इस पर रोक लगा रही थी।

पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बार-बार सरकार से जमीन देने की अपील की। अमित शाह ने प्रयास कर 500-600 किलोमीटर बाड़ लगवाई थी, अब भी 300-400 किलोमीटर खाली है। हमारी सरकार ने पहले दिन ही इसकी अनुमति दे दी। 45 दिनों में जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। बीएसएफ से बातचीत चल रही है। जहां बाड़ का काम बंद था, कल से शुरू हो जाएगा।"

उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने बीएसएफ को जमीन नहीं दी थी, जिसकी वजह से सीमा की हालत बहुत खराब है। सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बनते ही पहले ही दिन बाड़बंदी के लिए मंजूरी दे दी है। अब बाड़बंदी होने के बाद पड़ोसी देश के लिए छुपकर बंगाल नहीं आ पाएंगे और पश्चिम बंगाल में शांति रहेगी।"

दिलीप घोष ने कहा कि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ जमीन को लेकर कई बैठकें की थीं और फंड पहले ही दिन भेज दिया था, इसके बाद भी सरकार ने कुछ नहीं किया था। सरकार बाहरी लोगों को इसी रास्ते से लाकर चुनाव के समय उनका गलत इस्तेमाल कराती थी, लेकिन अब ये नहीं होने वाला है, पश्चिम बंगाल सरकार उन सभी रास्तों को बंद कर देगी जिनसे पड़ोसी देश के लोग गलत तरीके से भारत में प्रवेश करते हैं।

देश में लगातार खाने-पीने के मिलावटी सामान पर मंत्री दिलीप घोष ने कहा, "कीमतें समय-समय पर बढ़ाई जाती हैं, लेकिन गुणवत्ता की भी जांच होनी चाहिए। दूध की गुणवत्ता को लेकर कई शिकायतें मिल रही हैं और इसकी ठीक से जांच नहीं की जा रही है। इसमें कई तरह के रसायन मिलाए जा रहे हैं। यह स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है, इसलिए गुणवत्ता और मात्रा दोनों को ही ठीक से बनाए रखा जाना चाहिए। सरकार को भी इस मामले पर ध्यान देना चाहिए।"

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   14 May 2026 9:46 AM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story