कोलंबिया नई सरकार के सत्ता संभालते ही दो जगहों पर बम धमाके, एक पुलिस अधिकारी की मौत
बगोटा, 9 अगस्त (आईएएनएस)। कोलंबिया के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति अबेलार्डो डे ला एस्प्रीएला के पदभार संभालने के महज 24 घंटे के भीतर दो जबरदस्त बम धमाके हुए। देश के अलग-अलग हिस्सों में दो बम धमाकों ने सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दे दी। हमलों में एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं।
दक्षिण-पश्चिमी शहर कैली में शुक्रवार को राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण के अगले दिन शनिवार तड़के एक राजमार्ग टोल बूथ को विस्फोटकों से निशाना बनाया गया। सेना के मुताबिक, इस हमले के पीछे एफएआरसी के विद्रोही गुटों का हाथ होने की आशंका है। विस्फोट में दो सुरक्षा गार्डों को मामूली चोट आई और टोल बूथ को भारी नुकसान पहुंचा।
यह टोल बूथ सेंटेंडर डी क्विलिचाओ नगरपालिका में पैन-अमेरिकन हाईवे पर निर्माणाधीन था। इलाके में इवान मोरोडिस्को के नेतृत्व वाला विद्रोही गुट सक्रिय है। इस गुट ने वर्ष 2016 में सरकार और एफएआरसी के बीच हुए ऐतिहासिक शांति समझौते को स्वीकार नहीं किया था।
राष्ट्रपति डे ला एस्प्रीएला ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि देश के बुनियादी ढांचे पर हमला विकास पर हमला है। उन्होंने हमले के जिम्मेदार लोगों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें न तो कोई शरण मिलेगी और न ही किसी तरह की रियायत।
ट्रांसपोर्टेशन मिनिस्टर (परिवहन मंत्री) एल्सा नोगुएरा ने हमले की निंदा की और कहा कि इलाके में ट्रैफिक बहाल करने का काम चल रहा है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “कोलंबिया हिंसा के आगे नहीं झुकेगा, न ही वह हमारे इलाकों को जोड़ने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर को खत्म होने देगा।”
करीब 1,000 किलोमीटर दूर उत्तरी प्रांत सीजर में भी शनिवार तड़के (स्थानीय समयानुसार) एक पुलिस स्टेशन को विस्फोटक लगे ड्रोन से निशाना बनाया गया। अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई। अभी तक हमले के लिए किसी संगठन की आधिकारिक रूप से पहचान नहीं की गई है। राष्ट्रपति ने कहा है कि इसके जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
दक्षिणपंथी नेता डे ला एस्प्रीएला ने चुनाव प्रचार के दौरान ‘नार्को-आतंकवाद के खिलाफ बिना किसी समझौते’ की नीति अपनाने का वादा किया था। उन्होंने सशस्त्र समूहों के साथ चल रही शांति वार्ताओं को खत्म करने और विद्रोही संगठनों तथा मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई तेज करने की बात कही है।
वह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अल साल्वाडोर के राष्ट्रपति नायब बुकेले की नीतियों के प्रशंसक माने जाते हैं। उन्होंने बुकेले की तर्ज पर बड़ी जेलें बनाने और अपराध तथा मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ अभियान तेज करने का भी वादा किया है।
कोलंबिया में 2016 के ऐतिहासिक शांति समझौते के करीब एक दशक बाद भी कई इलाकों में सशस्त्र विद्रोही गुटों का प्रभाव बना हुआ है। इन गुटों का संबंध देश के मादक पदार्थ कारोबार से भी जोड़ा जाता है।
डे ला एस्प्रीएला का कार्यकाल ऐसे समय शुरू हुआ है जब कोलंबिया पिछले करीब एक दशक की सबसे गंभीर हिंसा का सामना कर रहा है। नए राष्ट्रपति के सामने अब एक ओर सशस्त्र समूहों और ड्रग तस्करों से निपटने की चुनौती है, तो दूसरी ओर उनकी सख्त सुरक्षा नीति को लेकर देश में राजनीतिक और सामाजिक तनाव भी बढ़ सकता है।
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Created On :   9 Aug 2026 12:11 PM IST












