कांग्रेस-सपा गठबंधन पर बोले प्रतुल शाह, दो हारे हुए खानदानी राजकुमारों से कोई फर्क नहीं पड़ेगा

कांग्रेस-सपा गठबंधन पर बोले प्रतुल शाह, दो हारे हुए खानदानी राजकुमारों से कोई फर्क नहीं पड़ेगा
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस-सपा गठबंधन को लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने गठबंधन पर तंज कसते हुए कहा कि क्या दो हारे हुए खानदानी राजकुमारों के एक साथ आने से भाजपा पर कोई फर्क पड़ेगा? उन्होंने कहा कि यूपी की जनता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा है और योगी सरकार का डिलीवरी मैकेनिज्म बहुत अच्छा रहा है।

रांची, 25 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस-सपा गठबंधन को लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने गठबंधन पर तंज कसते हुए कहा कि क्या दो हारे हुए खानदानी राजकुमारों के एक साथ आने से भाजपा पर कोई फर्क पड़ेगा? उन्होंने कहा कि यूपी की जनता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा है और योगी सरकार का डिलीवरी मैकेनिज्म बहुत अच्छा रहा है।

वहीं, राम रहीम सिंह को पैरोल मिलने के सवाल पर प्रतुल शाह देव ने कहा कि पुलिस कई पहलुओं पर विचार करने के बाद पैरोल देती है और फिर उसे कोर्ट से मंजूरी मिलती है। यह कोर्ट की प्रक्रिया है, इस पर हम क्या टिप्पणी कर सकते हैं? इसके अलावा, प्याज और चीनी की बढ़ती कीमतों पर उन्होंने कहा कि यह बढ़ोतरी व्यापारियों द्वारा की गई बनावटी बढ़ोतरी है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस-सपा गठबंधन पर भाजपा के प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा, "क्या दो हारे हुए खानदानी राजकुमारों के एक साथ आने से भारतीय जनता पार्टी पर कोई फर्क पड़ेगा? उत्तर प्रदेश के लोगों को प्रधानमंत्री के नेतृत्व पर भरोसा है, और योगी सरकार का डिलीवरी मैकेनिज्म बहुत अच्छा रहा है।"

प्याज और चीनी की बढ़ती कीमतों पर उन्होंने कहा, "कीमतों में जो भी बढ़ोतरी हुई है, वह बनावटी बढ़ोतरी है। यह बढ़ोतरी व्यापारियों ने की है। इस बार खरीफ प्रोडक्शन 5-7 फीसदी है, जिससे मुझे लगता है कि प्याज के उत्पादन में कमी आने की संभावना है। देश में प्याज का पर्याप्त स्टॉक है।"

बता दें कि गुरमीत राम रहीम को बीते छह सालों में 17वीं बार पैरोल पर रिहाई मिली है। गुरमीत राम रहीम को पंचकूला की सीबीआई कोर्ट ने अगस्त 2017 को दुष्कर्म के मामले में दोषी करार दिया था। इसके साथ ही कोर्ट ने सजा और जुर्माना लगाया।

2019 में सीबीआई की एक स्पेशल कोर्ट ने गुरमीत को 2002 में हरियाणा के सिरसा में एक पत्रकार की हत्या के मामले में दोषी पाया था। इसके बाद कोर्ट ने उसके साथ तीन अन्य दोषियों कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्ण लाल को दोषी माना और उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

24 अक्टूबर 2020 से लेकर 25 अगस्त 2026 के बीच गुरमीत राम रहीम को अधिकतम 40 दिनों की पैरोल पर रिहाई मिल चुकी है।

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Created On :   25 Aug 2026 11:57 PM IST

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