डिफेंस कॉलेज पहुंचे आर्मी चीफ, तीनों सेनाओं की संयुक्ता पर की बात

डिफेंस कॉलेज पहुंचे आर्मी चीफ, तीनों सेनाओं की संयुक्ता पर की बात
भारतीय सेना आधुनिक और भविष्य के युद्धक्षेत्र की तैयारियों के मद्देनजर कई बड़े और महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इनमें से एक पहल तीनों सेनाओं यानी वायुसेना, नौसेना और थलसेना की संयुक्तता (थियेटरीकरण) को मजबूत करना है।

नई दिल्ली, 9 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय सेना आधुनिक और भविष्य के युद्धक्षेत्र की तैयारियों के मद्देनजर कई बड़े और महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इनमें से एक पहल तीनों सेनाओं यानी वायुसेना, नौसेना और थलसेना की संयुक्तता (थियेटरीकरण) को मजबूत करना है।

भारतीय थलसेना अध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सोमवार को इस पहल का जिक्र किया। इसके अलावा उन्होंने सैन्य कूटनीति व सेना की तैयारियों से जुड़े अन्य विषयों पर भी चर्चा की।

वहीं, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने रक्षा मंत्रालय के सुरक्षा निर्देशों की एक नई नियमावली जारी की है। मंत्रालय के मुताबिक, यह नियमावली सुरक्षा दिशा-निर्देशों का विस्तृत दस्तावेज है। रक्षा सचिव ने सुरक्षा कर्मियों और अधिकारियों से इनके प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

रक्षा सचिव के मुताबिक, नई नियमावली मंत्रालय के भीतर एक सुरक्षित वातावरण बनाए रखने में सहायक होगी। उधर, थलसेना अध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी सोमवार को डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज वेलिंगटन के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने कॉलेज में अध्ययन कर रहे अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण संवाद किया।

अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने भारतीय थलसेना में चल रहे व्यापक परिवर्तन, भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयारियों और सुरक्षा परिवेश में आ रहे बदलावों पर विस्तार से अपने विचार रखे।

सेना प्रमुख ने कहा कि भारतीय थलसेना आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति को ध्यान में रखते हुए लगातार अपने ढांचे, क्षमताओं और कार्यप्रणाली में सुधार कर रही है। उन्होंने बताया कि सेना को आधुनिक और भविष्य के युद्धक्षेत्र के अनुकूल बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार किए जा रहे हैं।

उन्होंने विशेष रूप से तीनों सेनाओं के संयुक्त संचालन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से चल रही थियेटरीकरण प्रक्रिया की प्रगति का भी उल्लेख किया। सेना प्रमुख ने कहा कि बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल में सैन्य कूटनीति का महत्व भी तेजी से बढ़ रहा है।

गौरतलब है कि इसी को ध्यान में रखते हुए मित्र देशों के साथ सैन्य सहयोग, संयुक्त अभ्यास और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ाया जा रहा है। इससे न केवल आपसी विश्वास मजबूत होता है बल्कि विभिन्न सेनाओं के बीच अनुभव और रणनीतिक समझ का आदान-प्रदान भी संभव होता है।

दरअसल, भारतीय थलसेना अपनी संगठनात्मक संरचना, सैन्य क्षमताओं और सैन्य सिद्धांतों में लगातार नए बदलाव कर रही है ताकि भविष्य में उभरने वाली सुरक्षा चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।

सैन्य नेतृत्व का मानना है कि आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण और समन्वित रणनीति के माध्यम से सेना को अधिक सक्षम और तैयार बनाया जा रहा है। दौरे के दौरान जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कॉलेज के संकाय सदस्यों, तीनों सेनाओं के अधिकारियों तथा मित्र देशों से आए पाठ्यक्रम अधिकारियों के साथ भी बातचीत की।

इस दौरान उन्होंने पेशेवर सैन्य संवाद, ज्ञान के आदान-प्रदान और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के महत्व पर जोर दिया। अपने दौरे के एक विशेष कार्यक्रम में सेना प्रमुख ने उत्कृष्ट सेवा, पेशेवर दक्षता और कर्तव्य के प्रति समर्पण के लिए चयनित सैन्य कर्मियों को प्रशंसा पत्र भी प्रदान किए।

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे सम्मान सैनिकों को बेहतर कार्य के लिए प्रेरित करते हैं और सेना की कार्यसंस्कृति को मजबूत बनाते हैं। दरअसल डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज भारत के प्रमुख सैन्य प्रशिक्षण संस्थानों में से एक है, जहां भारतीय सशस्त्र बलों के साथ-साथ कई मित्र देशों के अधिकारी भी उच्च स्तरीय सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। यहां दिया जाने वाला प्रशिक्षण भविष्य के सैन्य नेतृत्व को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   9 March 2026 6:17 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story