दिल्ली जामिया मिलिया इस्लामिया में बढ़ा तनाव, हिरासत में लिए गए कांग्रेस सांसद इमरान मसूद

दिल्ली  जामिया मिलिया इस्लामिया में बढ़ा तनाव, हिरासत में लिए गए कांग्रेस सांसद इमरान मसूद
जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय परिसर में कथित तौर पर 'फ्री कश्मीर' से जुड़े नारे लिखे जाने की खबरों के बाद शुक्रवार को परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए एहतियातन सुरक्षा बढ़ाई गई है।

नई दिल्ली, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय परिसर में कथित तौर पर 'फ्री कश्मीर' से जुड़े नारे लिखे जाने की खबरों के बाद शुक्रवार को परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए एहतियातन सुरक्षा बढ़ाई गई है।

इसी बीच, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को दिल्ली पुलिस ने उस समय हिरासत में ले लिया, जब वह विश्वविद्यालय पहुंचे थे। मसूद जामिया के छात्रों द्वारा छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर किए जा रहे प्रदर्शन में शामिल होने और छात्रों के समर्थन में अपनी एकजुटता जताने पहुंचे थे।

हिरासत में लिए जाने से पहले इमरान मसूद ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि उनकी मांगें पूरी तरह जायज हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रसंघ को अब तक बहाल क्यों नहीं किया गया।

उन्होंने कहा, "छात्र, इस देश का भविष्य हैं। आखिर देश के भविष्य को कुचलने की कोशिश क्यों की जा रही है? छात्रसंघ को दोबारा शुरू क्यों नहीं किया जा रहा?"

कांग्रेस सांसद ने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी भी तरह के भारत-विरोधी नारों का समर्थन नहीं करते हैं। उन्होंने कहा, "जो लोग भारत को तोड़ने की बात करते हैं, उनका हम किसी भी परिस्थिति में समर्थन नहीं करेंगे। कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा। इस पूरे आंदोलन को भटकाने के लिए इन पोस्टरों और नारों का इस्तेमाल किया जा रहा है।"

मसूद ने कहा कि छात्रों के अधिकारों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय से छात्रों को निष्कासित किया गया है और छात्रसंघ को बहाल नहीं किया जा रहा।

उन्होंने कहा, "मैं अपने बच्चों के लिए जान भी दे सकता हूं। ये छात्र मेरे बच्चे हैं और मेरे देश का भविष्य हैं। उनके अधिकारों को दबाने की कोशिश की जा रही है। आखिर छात्रसंघ को बहाल न करने की वजह क्या है?"

फिलहाल विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है। छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है, जबकि पुलिस हालात पर नजर बनाए हुए है।

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