'दुनिया का नेतृत्व कर सकता है ग्लोबल साउथ', ब्रिक्स में पीएम मोदी के आह्वान पर एनडीए नेताओं की प्रतिक्रिया

दुनिया का नेतृत्व कर सकता है ग्लोबल साउथ, ब्रिक्स में पीएम मोदी के आह्वान पर एनडीए नेताओं की प्रतिक्रिया
'ब्रिक्स' सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'ग्लोबल साउथ' की आवाज को और मजबूत करने के आह्वान पर एनडीए नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि 'ग्लोबल साउथ' सभी क्षेत्रों में तेजी से उभर रहा है और वो पूरे विश्व का नेतृत्व कर सकता है।

नई दिल्ली, 13 सितंबर (आईएएनएस)। 'ब्रिक्स' सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'ग्लोबल साउथ' की आवाज को और मजबूत करने के आह्वान पर एनडीए नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि 'ग्लोबल साउथ' सभी क्षेत्रों में तेजी से उभर रहा है और वो पूरे विश्व का नेतृत्व कर सकता है।

'ग्लोबल साउथ' को लेकर भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा, "निश्चित रूप से 'ग्लोबल साउथ' आधुनिकीकरण और डिजिटलीकरण समेत सभी क्षेत्रों में तेजी से उभर रहा है। वो पूरे विश्व का नेतृत्व कर सकता है। यही बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कही है।"

'ब्रिक्स' पर खंडेलवाल ने कहा, "'नई दिल्ली घोषणापत्र' में भारत की तरफ से उठाए गए सभी मुद्दों को शामिल किया गया। यहां पहलगाम में हुए आतंकी हमले की खुलकर निंदा की गई। टेरर फंडिंग को लेकर भी कड़ा प्रस्ताव पास किया गया। व्यापार और उद्योग को लेकर भी ब्रिक्स देशों ने आम सहमति बनाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'ब्रिक्स' के 'नई दिल्ली घोषणापत्र' ने अंतराष्ट्रीय स्तर पर नए आयाम स्थापित किए हैं। इस घोषणापत्र से भारत के व्यापारियों और एमएसएमई को अनेक देशों में व्यापार करने के नए अवसर प्राप्त होंगे।"

'ग्लोबल साउथ' पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को लेकर जदयू नेता राजीव रंजन ने कहा, "आज 'ग्लोबल साउथ' दुनिया के कमजोर और विकासशील देशों का एक बड़ा समूह बन सकता है। 'ग्लोबल साउथ' की भावनाएं और भूमिका को निर्धारित करने में 'ब्रिक्स' बड़ी भूमिका संभाल सकता है। मेरा मानना है कि अगले वर्ष चीन को ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी करनी है, इस एक वर्ष में उल्लेखनीय सफलता हम हासिल कर पाए तो निःसंदेह यह दुनिया के कई असमानता बढ़ाने वाले मुल्कों के लिए भी यह कठोर संदेश होगा।"

उन्होंने समिट को लेकर कहा, "ब्रिक्स को लेकर मेरा मानना है कि इन देशों की दुनिया की कुल जीडीपी में 40 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। पूरी दुनिया की कुल आबादी में 45 प्रतिशत से 49 प्रतिशत के बीच आबादी ब्रिक्स देशों की है। इसलिए समझने की बात है कि इतना बड़ा फोरम, पश्चिम एशिया संकट के समय की चुनौतियों के मद्देनजर, एक प्रभावकारी भूमिका को निभा सकता है। जिस तरह यूएई और ईरान के बीच बातचीत व ब्रिक्स सम्मेलन में भागेदारी कहीं न कहीं यह फोरम की महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर पाएगा।"

भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के पश्चिम एशिया में शांति में ब्रिक्स की भूमिका को लेकर दिए बयान पर कहा, "भारत हमेशा से अग्रसर रहा है। ईरान-इजरायल के बीच में भी जो युद्ध चला, तो उसमें भारत ने बहुत पहल की थी। दोनों भारत के अच्छे दोस्त हैं, दोनों देश भी कहते हैं कि भारत के अच्छे दोस्त हैं। भारत चाहता भी है कि बहुत लंबे वर्षों से जो लड़ाई चल रही है, वह भी समाप्त हो, क्योंकि युद्ध से किसी का भला नहीं होता है। इससे मानव जीवन, इंफ्रास्ट्रक्चर और इकोनॉमी का नुकसान होता है। भारत हमेशा चाहता है कि पूरे विश्व में शांति हो, लेकिन हमारी सीमाएं भी सुरक्षित रहनी चाहिए।"

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Created On :   13 Sept 2026 12:40 PM IST

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