ईडी की शिकायत पर कोर्ट ने टीडीआई इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के निदेशकों को नोटिस जारी किया

ईडी की शिकायत पर कोर्ट ने टीडीआई इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के निदेशकों को नोटिस जारी किया
नई दिल्ली स्थित पटियाला हाउस जिला न्यायालय के विशेष न्यायाधीश (पीएमएलए) ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) गुरुग्राम जोनल कार्यालय द्वारा दायर अभियोजन शिकायत में सभी आरोपियों को नोटिस जारी किया है। इस शिकायत में मेसर्स टीडीआई इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, इसके निदेशकों - रविंदर तनेजा, कमल तनेजा और डीएन तनेजा - और संबंधित संस्थाओं को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत आरोपित किया गया है।

नई दिल्ली, 9 मई (आईएएनएस)। नई दिल्ली स्थित पटियाला हाउस जिला न्यायालय के विशेष न्यायाधीश (पीएमएलए) ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) गुरुग्राम जोनल कार्यालय द्वारा दायर अभियोजन शिकायत में सभी आरोपियों को नोटिस जारी किया है। इस शिकायत में मेसर्स टीडीआई इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, इसके निदेशकों - रविंदर तनेजा, कमल तनेजा और डीएन तनेजा - और संबंधित संस्थाओं को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत आरोपित किया गया है।

ईडी ने दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज कई एफआईआर/आरोपपत्रों के आधार पर जांच शुरू की थी। उक्त एफआईआर/आरोपपत्रों के अनुसार मेसर्स टीडीआई इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, इसके प्रमोटरों और केएमपी ने निर्धारित समय के भीतर वादा किए गए फ्लैट और यूनिट्स को वितरित करने में विफल रहकर कई घर खरीदारों को धोखा दिया और ठगा। कुछ मामलों में एक प्रोजेक्ट में तो 16-18 साल की देरी भी हुई। ईडी की जांच में पता चला कि मेसर्स टीडीआई इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड... टीडीआई इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने हरियाणा के सोनीपत जिले के कुंडली में कई वाणिज्यिक/आवासीय भूखंड/आवासीय परियोजनाएं शुरू की थीं।

कंपनी ने सोनीपत में 26 परियोजनाओं के लिए 14,105 ग्राहकों से अग्रिम बुकिंग राशि के रूप में लगभग 4,619.43 करोड़ रुपए एकत्र किए थे। ये परियोजनाएं 2005 से 2014 के बीच शुरू की गई थीं। हालांकि, 4 परियोजनाओं के लिए ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट अभी भी लंबित हैं, जबकि इसकी एक परियोजना - 'पार्क स्ट्रीट' - अभी भी अधूरी है। ईडी की जांच में यह भी पता चला कि लक्षित आवासीय/आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने के लिए ग्राहक निधि का उपयोग करने के बजाय, इसके प्रमोटरों/निदेशकों ने ऐसी निधि का एक बड़ा हिस्सा अपनी सहायक कंपनियों/पूर्व सहायक कंपनियों को भूमि पार्सल की खरीद और अन्य उद्देश्यों के लिए अग्रिम के रूप में हस्तांतरित कर दिया।

आरोपी कंपनी ने ग्राहकों के उक्त धन का दुरुपयोग अपने ऋणों के भुगतान और निवेश के लिए भी किया था। धन के इस दुरुपयोग के कारण कंपनी की लक्षित परियोजनाओं के निर्माण में देरी हुई, जिससे ग्राहकों को समय पर अपनी इकाइयों/प्लॉटों का कब्जा नहीं मिल पाया। हाल ही में, ईडी ने पीएमएलए के तहत आरोपी कंपनी और उससे संबंधित संस्थाओं की 304.06 करोड़ रुपए की संपत्ति/परिसंपत्ति को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है।

इससे पहले 2024 में ईडी ने इसकी 45.49 करोड़ रुपए की संपत्ति/परिसंपत्ति को अटैच किया था, जिससे मामले में पहचाने और निर्धारित किए गए कुल 349.55 करोड़ रुपए के अपराध से प्राप्त आय को अटैच किया गया था। ईडी द्वारा दायर अभियोजन शिकायत में पीएमएलए, 2002 के तहत इस अपराध से प्राप्त आय की जब्ती की भी मांग की गई है।

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Created On :   9 May 2026 6:32 PM IST

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