'फर्जी नैरेटिव और डीपफेक से सतर्क रहें', चुनाव अधिकारियों को सीईसी ज्ञानेश कुमार की सलाह

फर्जी नैरेटिव और डीपफेक से सतर्क रहें, चुनाव अधिकारियों को सीईसी ज्ञानेश कुमार की सलाह
चुनाव आयोग ने मीडिया और संचार अधिकारियों की भूमिका को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को दूसरी एकदिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इस सम्मेलन में 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मीडिया नोडल अधिकारी, सोशल मीडिया नोडल अधिकारी, जिला मीडिया नोडल अधिकारी, जिला जनसंपर्क अधिकारी (डीपीआरओ) और जनसंपर्क विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित 260 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया।

नई दिल्ली, 3 जुलाई (आईएएनएस)। चुनाव आयोग ने मीडिया और संचार अधिकारियों की भूमिका को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को दूसरी एकदिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इस सम्मेलन में 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मीडिया नोडल अधिकारी, सोशल मीडिया नोडल अधिकारी, जिला मीडिया नोडल अधिकारी, जिला जनसंपर्क अधिकारी (डीपीआरओ) और जनसंपर्क विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित 260 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग की हर कार्रवाई भारतीय संविधान, चुनावी कानूनों और समय-समय पर जारी लिखित निर्देशों के आधार पर पूरी पारदर्शिता के साथ की जाती है। उन्होंने अधिकारियों को सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक और फर्जी नैरेटिव के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि गलत सूचनाओं और अफवाहों के प्रसार को रोकने के लिए अधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। हाल के विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड मतदान प्रतिशत इस बात का प्रमाण है कि देश के मतदाताओं का चुनावी व्यवस्था पर पूरा भरोसा है।

चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने कहा कि डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डीपफेक, कृत्रिम रूप से तैयार की गई भ्रामक सामग्री और शरारतपूर्ण कंटेंट के जरिए संस्थाओं में लोगों के विश्वास को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों से चुनाव आयोग के नियमों, दिशा-निर्देशों और प्रक्रियाओं के आधार पर ऐसे प्रयासों का प्रभावी जवाब देने का आह्वान किया।

डॉ. जोशी ने युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने पर भी जोर दिया और कहा कि इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ईएलसी) के माध्यम से युवा मतदाताओं तक प्रभावी ढंग से पहुंच बनाई जानी चाहिए।

सम्मेलन के दौरान चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। इसमें मतदाता सूची से लेकर मतदान प्रक्रिया, ईसीआईनेट, मीडिया से संबंधित संवैधानिक प्रावधानों और कानूनों, प्रेस नोट तैयार करने, उन्हें मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रसारित करने, गलत सूचनाओं से निपटने तथा चुनाव आयोग की पहलों को आम जनता तक पहुंचाने जैसे विषय शामिल रहे।

कार्यक्रम के तहत प्रतिभागियों को मतदाता सूची तैयार करने, मतदान प्रक्रिया और मतगणना प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन भी दिखाया गया। उन्हें चुनाव आयोग की प्रदर्शनी और मीडिया कॉर्नर का भ्रमण भी कराया गया।

सम्मेलन में हाल ही में चुनाव संपन्न कराने वाले राज्यों के अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए और विभिन्न सफल पहलों तथा सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों की जानकारी दी। कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों और चुनाव आयोग के बीच प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ।

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Created On :   3 July 2026 10:39 PM IST

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