गौशालाओं को लेकर धर्मपाल सिंह का बड़ा एक्शन प्लान, अक्टूबर तक सभी निर्माण कार्य पूरे करने का अल्टीमेटम

गौशालाओं को लेकर धर्मपाल सिंह का बड़ा एक्शन प्लान, अक्टूबर तक सभी निर्माण कार्य पूरे करने का अल्टीमेटम
उत्तर प्रदेश सरकार ने गौ संरक्षण और दुग्ध विकास को नई गति देने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया है। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश की सभी गौशालाओं में चल रहे अवस्थापना संबंधी कार्य अक्टूबर 2026 तक हर हाल में पूरे किए जाएं।

लखनऊ, 15 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार ने गौ संरक्षण और दुग्ध विकास को नई गति देने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया है। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश की सभी गौशालाओं में चल रहे अवस्थापना संबंधी कार्य अक्टूबर 2026 तक हर हाल में पूरे किए जाएं।

उन्होंने चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विधान भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने गौशालाओं की व्यवस्थाओं, पशु चिकित्सा सेवाओं और दुग्ध विकास कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की।

उन्होंने कहा कि गौशालाओं को केवल संरक्षण केंद्र नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर इकाइयों के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। इसके लिए प्रदेश की प्रत्येक गौशाला में गोबर गैस प्लांट स्थापित किए जाएं, जिससे ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ अतिरिक्त आय के स्रोत भी विकसित हो सकें।

धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गौशालाओं का नियमित निरीक्षण किया जाए और वहां स्थापित भूसा बैंकों में वर्षभर के लिए पर्याप्त भूसा उपलब्ध रहे। साथ ही पशुओं के लिए हरे चारे की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आगामी मानसून को देखते हुए वृहद गौ संरक्षण केंद्रों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए। बैठक में मंत्री ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक पशु चिकित्सालय स्थापित करने की योजना पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि इसके लिए संबंधित विधायकों से प्रस्ताव प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पशु स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाया जा सके। दुग्ध सहकारिता को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए मंत्री ने निर्देश दिया कि प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में दुग्ध समिति का गठन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

धर्मपाल सिंह ने कहा कि पशुपालन और डेयरी क्षेत्र किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सरकार इस क्षेत्र को और सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है तथा विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

बैठक में पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने विभागीय प्रगति की जानकारी देते हुए मंत्री को आश्वस्त किया कि सभी निर्देशों का समयबद्ध और प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। इस दौरान निराश्रित गोवंश संरक्षण, भूसा प्रबंधन, हरे चारे की बुआई, संचारी रोगों की रोकथाम, टीकाकरण अभियान तथा दुग्ध समितियों के गठन की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

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Created On :   15 Jun 2026 6:35 PM IST

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