सोशल एक्टिविस्ट शालिनी अली ने शेख अबूबकर के बयान की आचोलना की
नई दिल्ली, 2 सितंबर (आईएएनएस)। ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबकर अहमद द्वारा महिलाओं को लेकर दिए गए बयान पर विवाद गहराता जा रहा है। सोशल एक्टिविस्ट डॉ. शालिनी अली ने उनके बयान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि महिलाओं ने हर फील्ड में तरक्की की है और ऐसे कमेंट्स नहीं किए जाने चाहिए।
ग्रैंड मुफ्ती ने अपने बयान में महिलाओं की तुलना घर में रखे जाने वाले गहनों से की थी और उनकी सुरक्षा की बात कही थी। इस पर डॉ. शालिनी अली ने कहा, "सबसे पहले तो हम इस बात पर आपत्ति जताते हैं कि ग्रैंड मुफ्ती साहब ने बहुत गलत बयान दिया है। उनका यह कहना कि महिलाएं गहनों की तरह होती हैं और उनकी सुरक्षा की जानी चाहिए, यह भूल जाता है कि महिलाएं हमेशा से आगे बढ़ती रही हैं और कामयाबी हासिल करती रही हैं—चाहे वह युद्ध का मैदान हो, डॉक्टर के तौर पर इलाज करना हो, चांद-तारों तक पहुंचना हो या अंतरिक्ष यान में सफर करना हो।"
डॉ. अली ने कहा कि इस तरह के बयान धर्म के हिसाब से भी सही नहीं हैं। उन्होंने कहा, "यह कहना गलत है कि महिलाएं गहनों की तरह हैं और उन्हें सुरक्षा की जरूरत है। न तो कुरान में इसका जिक्र है और न ही कोई ऐसी हदीस है, जिसमें कहा गया हो कि सुरक्षा के बहाने हमें उनकी आत्मनिर्भर जिंदगी को सीमित करना चाहिए। जो लोग उनका समर्थन कर रहे हैं, वह भी गलत है।"
उन्होंने कहा कि महिलाओं के बारे में ऐसी सोच नहीं रखनी चाहिए। अगर सुरक्षा की चिंता है तो उन्हें आगे बढ़ने का रास्ता दिखाना चाहिए। डॉ. अली ने कहा, "अगर किसी को लगता है कि औरतों को सुरक्षा की जरूरत है तो वह उनको प्रोवाइड कर सकते हैं। औरतों को आगे का रास्ता दिखा सकते हैं ताकि वह पढ़ाई करके अपने पैरों पर खड़ी हो सकें। उन्हें प्रेरणा दे सकते हैं, लेकिन यह कहना कि औरतों को पढ़ना नहीं चाहिए और तीन बच्चे पैदा करने से वह जन्नत चली जाएंगी। ऐसे बयान बहुत ही बेतुके हैं और गलत हैं।"
वहीं, दिशा सालियान रेप केस मामले की जांच सीबीआई से कराए जाने के हाई कोर्ट के फैसले का डॉ. शालिनी अली ने स्वागत किया। उन्होंने कहा, "जांच जिस तरह से शुरू हुई थी, उसमें विवाद देखने को मिला था। कई बार स्टेटमेंट बदले गए थे और उनके पिता ने भी अपने बयान वापस लिए थे। मुझे लगता है कि क्लैरिटी की बहुत ज्यादा जरूरत है। अगर आज हाई कोर्ट ने ऐसा बोला है कि सीबीआई को यह जांच सौंप देनी चाहिए तो यह बहुत अच्छी बात है। हम सभी को इस आदेश का समर्थन करना चाहिए। सभी लोगों को अपना सहयोग देना चाहिए, जिससे एक क्लैरिटी सामने आ जाएगी।"
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Created On :   2 Sept 2026 11:46 PM IST












