ग्रेटर नोएडा में ड्रग्स तस्करी का बड़ा खुलासा, विदेशी मास्टरमाइंड समेत तीन गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा में ड्रग्स तस्करी का बड़ा खुलासा, विदेशी मास्टरमाइंड समेत तीन गिरफ्तार
गौतमबुद्धनगर पुलिस ने ड्रग्स तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक विदेशी नागरिक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना बीटा-2 पुलिस और एसओजी (ग्रेटर नोएडा) की संयुक्त टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को सेक्टर चाई-4 स्थित जनता फ्लैट सर्विस रोड से गिरफ्तार किया।

ग्रेटर नोएडा, 4 जुलाई (आईएएनएस)। गौतमबुद्धनगर पुलिस ने ड्रग्स तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक विदेशी नागरिक समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना बीटा-2 पुलिस और एसओजी (ग्रेटर नोएडा) की संयुक्त टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को सेक्टर चाई-4 स्थित जनता फ्लैट सर्विस रोड से गिरफ्तार किया।

पुलिस ने उनके कब्जे से 143 ग्राम एमडीएमए (एमडीएमए) ड्रग्स, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 14 लाख रुपए बताई जा रही है, एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू, एक स्कूटी और 17,500 रुपए नकद बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अरुण कसाना निवासी गाजियाबाद, अतुल सिंह निवासी सम्पूर्णम सोसाइटी, ग्रेटर नोएडा तथा नाइजीरियाई नागरिक चिडुबेम स्टेनली के रूप में हुई है। विदेशी आरोपी वर्तमान में दिल्ली के उत्तम नगर में रह रहा था, जबकि उसका स्थायी पता लागोस, नाइजीरिया का है।

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से संगठित तरीके से ड्रग्स तस्करी में लिप्त थे। गिरोह सस्ते दामों पर एमडीएमए खरीदकर उसे छोटी-छोटी पुड़ियों में पैक करता था और फिर दिल्ली-एनसीआर, नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा की विभिन्न सोसाइटियों में ऊंचे दामों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाता था।

पुलिस का कहना है कि इस गिरोह का संचालन मुख्य रूप से विदेशी नागरिक चिडुबेम स्टेनली कर रहा था, जिसे इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि चिडुबेम स्टेनली पहले भी वर्ष 2025 में दिल्ली में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज एक मामले में गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है। फिलहाल वह उस मामले में जमानत पर बाहर था और दोबारा ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क को सक्रिय कर चुका था।

बरामदगी में 143 ग्राम एमडीएमए, एक इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल तराजू, यूपी-14-एचई-2973 नंबर की स्कूटी तथा 17,500 रुपए नकद शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि नकदी ड्रग्स की बिक्री से प्राप्त हुई हो सकती है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक तराजू का उपयोग मादक पदार्थों की सटीक मात्रा तौलने के लिए किया जाता था। इस संबंध में थाना बीटा-2 में आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21/27ए/37 तथा विदेशी अधिनियम की धारा 14 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

वहीं, विदेशी आरोपी के खिलाफ वर्ष 2025 में दिल्ली क्राइम ब्रांच में भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि उनका नेटवर्क किन-किन राज्यों और लोगों तक फैला हुआ है। साथ ही ड्रग्स की सप्लाई चेन, अन्य सहयोगियों और वित्तीय लेनदेन की भी गहन जांच की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।

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Created On :   4 July 2026 4:50 PM IST

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